सफेद मक्खी पर रहेगी मोबाइल ऐप की नजर
खेतों के सर्वेक्षण के लिए पैंतीस स्काउट और चार सुपरवाइजर नियुक्त
संगरूर में इस साल दस हजार हेक्टेयर रकबे में होगी कपास की फसल
जसवीर सिंह भट्टी
संगरूर।
सफेद मक्खी के कहर से कपास की फसल को बचाने के लिए जिला कृषि विभाग ने कमर कस ली है। सफेद मक्खी से फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग मोबाइल ऐप से पैनी नजर रखेगा। इसके लिए विभाग ने टीमों का गठन किया है। इस वर्ष जिले में दस हजार हेक्टेयर रकबे में कपास की फसल की बिजाई की जाएगी।
पिछले कुछ साल से सफेद मक्खी का कहर किसानों की कपास की फसल पर काफी बरपा, जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई और किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके मद्देनजर इस साल कृषि विभाग ने सफेद मक्खी के हमले से फसल को बचाने के लिए मोबाइल ऐप का सहारा लिया है। जिले में कपास की खेती के लिए चुने गए सत्तर गांवों में इस मुहिम को चलाने के लिए पैंतीस स्काउट और चार सुपरवाइजर नियुक्त किए हैं।
चौकसी टीमें चुने गए गांवों में से दस किसान प्रति गांव सर्वे करके खेत में ही कपास की फसल संबंधी अपडेट किया जाएगा और जिसकी जानकारी कुछ समय में ही ब्लाक, जिला व प्रदेश स्तर पर पहुंच जाएगी। कपास की फसल बारे अपडेट मिलते ही संबंधित अधिकारी तुरंत हरकत में आएंगे और कपास की फसल को बचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। कपास की फसल पर सफेद मक्खी के हमले को लेकर पहले से एक जिला स्तरीय तथा चार बलाक स्तरीय टीमों का गठन किया गया है जो प्रत्येक मंगलवार तथा वीरवार को निरीक्षण करके कीड़े मकोड़ों संबंधी अपनी रिपोर्ट तैयार करती हैं।
जिला मुख्य कृषि अधिकारी जगतार सिंह बराड़ ने कहा कि इस साल जिले में दस हजार हेक्टेयर रकबे में कपास की फसल की बिजाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि विभाग के साथ-साथ वह खुद भी अपने स्तर पर खेतों का सर्वेक्षण करते रहें और कपास पर सफेद मक्खी का हमला दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।