आप के छह पदाधिकारियों ने छोड़ी पार्टी
पार्टी प्रत्याशी हरमोहन धवन व आप कन्वीनर प्रेम गर्ग पर लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। पार्टी की अलोकतांत्रिक व्यवस्था से दुखी होकर छह सक्रिय नेताओं ने पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा भेज दिया है। पार्टी छोड़ने वालों में चंडीगढ़ कैम्पेन के सदस्य व पंजाब में आप के प्रवक्ता सतबीर सिंह वालिया, महासचिव व कैम्पेन कमेटी के सदस्य एनएस धालीवाल, महासचिव सतीश मचल, ज्वाइंट सेक्रेटरी कालना दास, एग्जीक्यूटिव मेंबर रोजलिन कौर और रवि मानी शामिल हैं। सतबीर वालिया ने आरोप लगाया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने अकाली दल (टकसाली) के साथ गठजोड़ किया है, जो आप की नीतियों के खिलाफ है। अकाली दल (टकसाली) उन लोगों ने बनाया है, जो पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के आरोपी हैं।
इससे पार्टी से जुड़े जमीनी नेताओं में जबरदस्त रोष है। साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ की कैम्पेन कमेटी पर भी सवाल खड़े किए हैं। महासचिव सतीश मचल ने बताया कि पार्टी ने जब हरमोहन धवन को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की तो उस वक्त कहा गया था कि सभी लोग मिलकर चुनाव लड़वाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। धवन अपने पुराने लोगों को ही साथ में लेकर चल रहे हैं। पार्टी की मीटिंग में आप के एग्जीक्यूटिव मेंबरों को पूछा तक नहीं जाता। न ही कभी साथ बैठाकर कोई मीटिंग हुई है। आप के नेताओं की लगातार अनदेखी की गई। 25 जनवरी रैली फ्लाप होने के पीछे भी यही वजह थी।
पार्टी छोड़ने वालों ने आप के कन्वीनर प्रेम गर्ग की नियुक्ति पर भी आरोप लगाए हैं। आरोप है कि प्रेम गर्ग पंचकूला में रहते हैं, लेकिन कन्वीनर उन्हें चंडीगढ़ का बना दिया गया। इन्हीं जैसे कारणों से आहत होकर पार्टी छोड़ी है। पार्टी कन्वीनर प्रेम गर्ग का कहना है कि सतबीर वालिया पंजाब के प्रवक्ता थे। उनका चंडीगढ़ में कोई अहम रोल नहीं था। बाकी पांचों वालंटियर्स काफी मेहनती थे। उनके जाने का अफसोस है। पार्टी ने कभी भी उनकी अनदेखी नहीं की। इस बात की पूरी उम्मीद है कि वे दोबारा से अपने फैसले पर विचार करेंगे।