गुरुद्वारे में लंगर न बनने पर भी संगत छकती है लंगर
सेक्टर 28 के गुरुद्वारा नानकसर में 43वां गुरमति समागम
शिविर में 131 श्रद्धालुओं ने किया रक्तदान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर 28 के गुरुद्वारा नानकसर में 43वें गुरमति समागम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में संगत इस समागम में शामिल हुई। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन हुआ। इसमें 131 ने रक्तदान किया। गुरुद्वारे में संगत का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु अपने परिवार के साथ गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे। संगतों ने सेवा की और लंगर ग्रहण किया। सुबह से ही संगत नानकसर में पहुंचना शुरू हो गई थे। नानकसर चंडीगढ़ के प्रमुख संत बाबा गुरदेव सिंह ने बताया कि रागी जत्थे ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
खास बात है कि नानकसर में न तो गोलक है और न यहां पर लंगर तैयार होता है। लंगर तैयार नहीं होने के बावजूद हर रोज अटूट लंगर चलता है। संगत अपने घरों से लंगर बनाकर गुरुद्वारे में लाती है। दूर दराज के लोग यहां पर पहुंचते हैं। संत बाबा गुरदेव सिंह ने बताया कि गोलक नहीं होने के बाद भी यहां पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं होती। संगत जब जो भी जरूरत समझती है उसे पूरा कर देती है। यह समागम संत बाबा साधु सिंह की मधुर याद में मनाया गया।
इस समागम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल, अकाली सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, जिला परिषद के पूर्व सदस्य और भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश किसान मोर्चा के महासचिव धर्मेंद्र सिंह, कांग्रेसी नेता एचएस लक्की और पार्षद देवेंद्र सिंह बबला सहित बड़ी संख्या में संगत पहुंची।