रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ......
एचसीएस पेपरलीक : तेजिंदर
बिश्नोई को नहीं मिली राहत
- एसआईटी ने अदालत में गवाहों और सुबूतों को नुकसान पहुंचाने का दिया तर्क
- एचसीएस जूडिशियल पेपर में सेकेंड टॉपर है तेजिंदर बिश्नोई, याचिका रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचसीएस जूडिशियल पेपरलीक मामले में आरोपी तेजिंदर बिश्नोई की जमानत याचिका को सोमवार को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। आरोपी की याचिका पर अदालत ने एसआईटी को नोटिस जारी किया था। मामले में एसआईटी ने कहा कि इस पेपर में तेजिंदर बिश्नोई सेकेंड टॉपर रहा है। इसके लिए 25 लाख रुपये की लेनदेन हुई थी, लेकिन अब तक केवल 7 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन का ही पता चल पाया है। बाकी के पैसे किस के पास हैं और मामले में और कितने लोग जुड़े हैं, इसका पता लगाना है। ऐसे में अगर बिश्नोई को जमानत दे दी गई तो वह सुबूतों और गवाहों को नुकसान पहुंचा सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बिश्नोई की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि एसआईटी ने बीते 12 नवंबर को जिला अदालत में आरोपी सुभाष गोदारा, सुशील भादू और तेजिंदर बिश्नोई के खिलाफ 600 पेजों का सप्लीमेंट्री चालान पेश किया था। इसमें पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई गवाह बनाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सुशील भादू और सुभाष गोदारा को हाल ही में सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड के समीप ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया था। इन दोेनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि दोनों ने पेपर में सेकेंड टॉपर रहे तेजिंदर बिश्नोई को पेपर बेचा था, जिसके बाद पुलिस ने उसको भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।
यह है मामला...
पिंजौर निवासी सुमन ने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर कर कहा था कि एचसीएस जूडिशियल का पेपर डेढ़ करोड़ में बिका, जिसकी पेशकश उसे भी की गई थी। सुमन ने अपनी कोचिंग क्लास की एक साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगवाई थी, लेकिन उसने गलती से सुनीता से अपनी बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी। इसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी। सुमन की पिटीशन पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने लेवल पर जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर सालभर में 760 बार संपर्क हुआ था। बाद में सुनीता ही एग्जाम में टॉपर रही। सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी। मामले में आरोपी सुनीता की रूममेट आयुषी भी शामिल थी, जिसकी गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला कि मामले में आयुषी के पिता सुभाष गोदारा, मामा सुशील भादू और तेजिंदर बिश्नोई भी शामिल रहा है।