सिर्फ सीनियर सिटीजन ही खरीद सकेंगे फ्लैट
आईटी पार्क की चार एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा हाउसिंग प्रोजेक्ट
खरीदार बुजुर्ग अपने लीगल हायर के नाम पर भी नहीं ट्रांसफर करवा सकेंगे
एक अलाटी से दूसरा सीनियर सिटीजन ही खरीद सकेगा यहां पर फ्लैट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आईटी पार्क में ऐसा हाउसिंग प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जहां सिर्फ सीनियर सिटीजन ही फ्लैट खरीद पाएंगे। सीनियर सिटीजन इसे अपने किसी लीगल हायर के नाम पर भी ट्रांसफर नहीं करवा पाएंगे। अगर कोई यहां पर फ्लैट किसी से खरीदना चाहेगा तो वह भी सीनियर सिटीजन ही होना चाहिए। सीएचबी की गवर्निंग बाडी में चार एकड़ जमीन पर इस प्रोजेक्ट को बनाने की सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी गई है, जबकि अधिकारियों को सभी पहलुओं की जांच कर इस प्रस्ताव को लिखित में अगली बैठक में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएचबी के अनुसार इन फ्लैटों में सीनियर सिटीजन अपने बच्चों को साथ रख सकते हैं, लेकिन अगर किसी के नाम पर आगे ट्रांसफर करना है तो वह सीनियर सिटीजन होना चाहिए। प्रोजेक्ट निर्माण के समय सीनियर सिटीजन की सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। क्लब, डिस्पेंसरी और पुस्तकालय की भी व्यवस्था होगी। अभी तक शहर में ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं है, जो सिर्फ सीनियर सिटीजन के लिए बना हो।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को 123 एकड़ जमीन पार्श्वनाथ डेवलपर से वापस मिली थी, जबकि यह जमीन पार्श्वनाथ को बोर्ड ने साल 2007 में 1221 करोड़ रुपये में बेची थी। यहां की कुल 16 में से 10 साइट रेजिडेंशियल प्लाट की हैं। इसमे सभी कैटेगरी के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण होना है। इसमें चार एकड़ जमीन पर सीनियर सिटीजन के लिए अपार्टमेंट बनाया जाएगा। इसके अलावा अन्य साइट पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मकानों का निर्माण होगा। इसके साथ अस्पताल, फाइव स्टार होटल, 4.50 एकड़ स्कूल के लिए रिजर्व है, वहीं 0.50 एकड़ की साइट सीएनजी पंप के लिए नीलाम की जाएगी। यहां पर वर्ल्ड क्लास स्कूल के लिए 4.50 एकड़ की जमीन भी रखी गई है।
वायलेशन को रेगुलर करने की रिपोर्ट अगली बैठक
हाउसिंग बोर्ड के मकानों में अलग-अलग वायलेशन को रेगुलर करने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट अगली बैठक में लाई जाएगी। इसमें किस तरह की वायलेशन को रेगुलर करना है, उस पर चर्चा की जाएगी। शहर के 90 प्रतिशत से ज्यादा मकानों में कोई न कोई वायलेशन है।
एसोसिएशन करे पुस्तकालय का रखरखाव
बोर्ड की बैठक में भविष्य में तैयार होने वाले प्रोजेक्ट में पुस्तकालय बनाने की योजना खारिज करने का प्रस्ताव आया था, लेकिन सदस्यों ने यह निर्णय लिया कि अगर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन पुस्तकालय का रखरखाव खुद करने के लिए तैयार होगी तो सीएचबी वहां पर पुस्तकालय बना देगा।