फरीदाबाद के लिए जरूरी.......
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना हाईकोर्ट नहीं सुनेगा
-उचित राहत की अपील लेकर स्वतंत्र याचिका होगी स्वीकार
-फरीदाबाद निवासी याची ने इस टिप्पणी पर वापस ली याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
फरीदाबाद निवासी पंकज गोयल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर दाखिल की गई अवमानना याचिका को सीधे हाईकोर्ट में दाखिल करने को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गलत करार दिया है। हरियाणा सरकार ने इस याचिका का विरोध किया था, जिसे हाईकोर्ट ने सही माना और इसके बाद याची ने हाईकोर्ट से छूट लेकर याचिका वापस ले ली।
पंकज गोयल ने याचिका दाखिल कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 498ए को लेकर जो आदेश जारी किए थे, उसके मामले में इन आदेशों का पालन नहीं किया गया। याची ने कहा कि सेक्शन 498ए के तहत विवाहित महिला को पति व रिश्तेदारों की ओर से उत्पीड़न करने पर मामला बनता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एफआईआर पर ऑटोमैटिक अरेस्ट नहीं होना चाहिए पर उसके मामले में ऐसा हुआ। राज्य सरकार ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची को यदि कोई राहत चाहिए तो वह संबंधित प्रावधानों के तहत याचिका दाखिल करे तो ही मान्य है। सीधे अवमानना याचिका मान्य नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की दलील को मंजूर करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना केवल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करें, हाईकोर्ट में नहीं। यदि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी है तो संबंधित प्रावधानों के तहत राहत के लिए दाखिल की जानी चाहिए। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी पर याची ने अवमानना याचिका को वापस लेने की छूट मांगी। इस छूट को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका खारिज कर दी।