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बुजुर्ग दंपती से साइबर ठगी: शातिरों ने किया हाउस अरेस्ट, कार्रवाई का डर दिखाकर ट्रांसफर करवाए ₹14 लाख

Sun, 10 May 2026 10:59 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला

सार

पंचकुला में एक बुजुर्ग दंपती से साइबर ठगों ने 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। हाउस अरेस्ट कर दंपती से यह ठगी की गई है। फिलहाल पुलिस को मामले की शिकायत दी गई है। 
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फ्रॉड - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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सेक्टर-21 निवासी 79 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला और उनके पति से साइबर ठगों ने खुद को ईडी, सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर दंपती से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस्तेमाल हुआ है और ईडी ने एक बड़े ठग को पकड़ा है, जिसके पास उनके नाम का एटीएम कार्ड मिला है। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आने लगीं। कॉल करने वाले खुद को ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और आधार विभाग का अधिकारी बताकर बात करते रहे।

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एफआईआर दर्ज होने का डर दिखाया
आरोपियों ने महिला को बताया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और यदि उन्होंने किसी को जानकारी दी तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ठगों ने व्हाट्सएप पर फर्जी एफआईआर, नोटिस और अन्य कानूनी दस्तावेज भी भेजे। महिला के बेटे के विदेश में रहने का हवाला देकर उन्हें मानसिक रूप से डराया गया। ठगों ने कहा कि जांच के लिए रकम जमा करवानी होगी और 72 घंटे बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। आरोपियों ने लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखते हुए महिला और उनके पति को किसी से बातचीत तक नहीं करने दी। पहले ज्वेलरी पर लोन लेने के लिए कहा गया, लेकिन लोन नहीं मिलने पर बचत की रकम ट्रांसफर करवाने का दबाव बनाया गया।

ज्वेलरी बेचकर भेजी रकम
शिकायत के अनुसार, तीन अप्रैल को दंपती ने आरटीजीएस के जरिए 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी आरोपी रकम मांगते रहे और ज्वेलरी बेचने का दबाव बनाया। महिला ने करीब 9.50 लाख रुपये की ज्वेलरी बेच दी और नौ अप्रैल को यह रकम भी आरटीजीएस के जरिए भेज दी। रकम ट्रांसफर होने के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी रसीद भी भेजी। बाद में बेटी से बातचीत होने पर महिला को साइबर ठगी का पता चला, जिसके बाद साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
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