गांव में कैसे हों विकास कार्य, चर्चा आज
नगर निगम में शामिल नए गांवों के पूर्व सरपंचों के साथ नगर निगम अधिकारियों की होगी बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निगम में शामिल किए गए नए गांवों में किस प्रकार का विकास हो और लोगों की जो परेशानियां आ रही हैं उसके क्या समाधान हो सकते हैं इस पर वीरवार को चर्चा होगी। अब चंडीगढ़ के सभी गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं। 12 ग्राम पंचायतों के 13 गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है। पंचायतें समाप्त हो गई हैं। लोगों को दिक्कतें आ रही हैं कि गांव में जो भी कार्य होते थे वे सभी सरपंच को पता होता था। अब गांव में पानी की कमी, बिजली चली जाए, सीवर जाम हो जाए व अन्य किसी परेशानी की बात हो तो वे किसको सूचित करें।
सबसे बड़ी दिक्कत सत्यापन की है। बैंकों में खाता खोलना हो या स्कूल में बच्चों को एडमिशन कराना हो। इस सबके लिए सरपंच का सत्यापन होना जरूरी है। इसके कारण लोगों को परेशानी आ रही है। मार्च से बच्चों का एडमिशन होगा। इसके लिए फरवरी से ही फार्म भरना होता है। यदि सत्यापन कराना होगा तो अभिभावक यह किससे कराएं। सरकारी अधिकारी सत्यापन करने में दिक्कत करते हैं। सरपंच से तो आसानी से काम होता था।
गांव खुड्डा अलीशेर के सरपंच हुकम चंद का कहना है कि नगर निगम कमिश्नर के साथ बैठक होगी। इस बैठक में गांव में आनेवाली समस्याओं को रखा जाएगा। साथ ही अधिकारियों को आ रही समस्याओं को बताया जाएगा। बैठक में इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी भी साथ होंगे।