ठंड दूर करेगा महज 100 ग्राम का शॉल
-कुल्लू के स्पेशल शॉल कर रहे आकर्षित, एक अंगूठी से निकल जाती है पश्मीना शॉल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। खरगोश, भेड़ और याक के साथ मैरीनों सर्दियों में आपकी ठंडक को दूर भगाने के लिए तैयार हैं। इन जानवरों के ऊन से तैयार 50 से 100 ग्राम तक के शॉल आपकी सर्दी को एकदम दूर भगाने की क्षमता रखते हैं। सौ ग्राम के पश्मीना शॉल की खूबी है कि वह एक छोटी सी अंगूठी से भी निकल जाती है। यहां सिर्फ शॉल ही नहीं, इन जानवरों की वूल से बने कपड़ों से बनी नेहरू व मोदी जैकेट और पैंट के साथ लोअर भी सर्दी को दूर भगाएंगे।
चंडीगढ़ सेक्टर-15 के लाल लाजपत राय भवन में आयोजित कुल्लू फेस्ट में आए बुनकर राजकुमार ने बताया कि एक शॉल को तैयार करने में औसतन छह महीने लगते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भेड़, याक, खरगोश और लैम के बालों को उतारा जाता है। उसके बाद उसकी प्रोसेसिंग की जाती है। इसमें दो से तीन माह का समय लगता है। इसकी प्रोसेसिंग होने के बाद वूल की स्पिनिंग की जाती है और उसके बाद वीविंग करते हैं। राजकुमार ने बताया कि अब ट्रेंड बदल चुका है। इसी वजह से ट्रेडिशनल के साथ अन्य डिजाइन भी तैयार की जाती है। मोदी जैकेट तैयार करने वाले अंबी लाल ने बताया कि नेहरू जैकेट के बाद जब उन्होंने मोदी जैकेट तैयार की तो थोड़ा डिजाइन में चेंज किया गया। मोदी जैकेट कोट का डिजाइन लिए है। किन्नौरी शॉल बनाने में माहिर हरीराम ने कहा कि शॉल की कीमत उसकी डिजाइन पर निर्भर करती है। यदि किसी शॉल को ताना बाना से तैयार किया गया है तो उसकी कीमत पांच हजार रुपये तक हो सकती है और यदि इसमें डिजाइन हाथ से तैयार किया गया है तो उसकी कीमत पच्चीस हजार रुपये तक पहुंच सकती है।
वजन
पश्मीना शॉल का वजन 100 से 250 ग्राम
भेड़ की ऊन के शॉल का वजन 450 ग्राम
जेंट्स लोई का वजन 700 ग्राम
जेंट्स मफलर की वजन 50 ग्राम
कीमत
भेड़ के ऊन के शॉल-1400 से 15000 रुपये
खरगोश के ऊन के शॉल-1000 से 4000 रुपये
पश्मीना शॉल की कीमत-5 से 25 हजार रुपये
सुपर फाइन पश्मीना शॉल की कीमत-साढे़ 12 हजार रुपये