48 वर्ष में 12 घरेलू और तीन विदेशी शहरों से ही जुड़ पाया इंटरनेशनल एयरपोर्ट
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लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या मगर नहीं बढ़ रहीं फ्लाइट्स, वॉच ऑवर भी नहीं बढ़ रहा
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़। इंटरनेशनल एयरपोर्ट 48 वर्ष पूरा कर चुका है लेकिन सिस्टम की लाचारी से अब तक यह एयरपोर्ट देश के 12 शहरों और तीन विदेशी डेस्टीनेशन से ही जुड़ सका है। ऐसा नहीं है कि चंडीगढ़ से यात्री कम हैं या विमान खाली जाते हैं पर पब्लिक की लाख मांग के बाद भी यहां से सीमित फ्लाइट्स ही शुरू हो सकी हैं। फ्लाइट न शुरू होने की कई बाधाएं हैं जो बरसों से दूर ही नहीं हो सकीं हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट के रनवे का काम पूरा नहीं हुआ। इस कारण वाच ऑवर भी नहीं बढ़ सका है। इस कारण यात्रियों को फ्लाइट भी मनचाहे समय पर नहीं मिल रही है।
यह व्यवस्था नहीं हुई है पूरी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे मौजूदा समय में 9000 फीट का है। इसे 10,800 फीट का बनाया जाना है लेकिन अब तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। चौडे़ रनवे का काम अभी 5400 फीट पूरा हुआ है। इसमें अभी 5400 फीट का काम बाकी है। इसका काम पूरा नहीं होने के कारण फ्लाइट्स उड़ाने के लिए वाच ऑवर नहीं बढ़ाए जा सके। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुबह 7.25 बजे से रात दस बजे तक फ्लाइट का संचालन किया जाता था लेकिन अब रनवे रिपेयर के कारण फ्लाइट्स का संचालन सुबह 7.25 बजे से शाम को छह बजे तक किया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को मनचाहे समय में फ्लाइट्स नहीं मिल पाती है।
अभी यहां-यहां की फ्लाइट्स
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली, श्रीनगर, पुणे, कुल्लू, बंगलूरू, कोलकाता, जयपुर, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, लेह, इंदौर के लिए लोकल डेस्टीनेशन की फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं। वहीं इंटरनेशनल डेस्टीनेशन में दुबई, शारजाह और बैंकाक शामिल हैं।
यहां के लिए नहीं शुरू हो पाई फ्लाइट
अभी तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोवा, पटना, वडोदरा, केरल, चेन्नई के लिए डायरेक्टर फ्लाइट्स नहीं शुरू हो पाई हैं। यहां भी विमानन कंपनियों की ओर से डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू करने का प्रपोजल बनाया गया था लेकिन अभी तक फ्लाइट्सशुरू नहीं हो पाई हैं। वहीं इंटरनेशनल फ्लाइट्स कनाडा, लंदन, अमेरिका के लिए शुरू की जानी थी लेकिन रनवे और वॉच आवर का काम पूरा नहीं हो पाया। इस कारण फ्लाइट्स अभी तक नहीं शुरू हो पाई। विमानन कंपिनयों की ओर से इसके लिए पूरी तैयारी की गई है लेकिन सुविधाएं पूरी नहीं होने के कारण फ्लाइटस का संचालन नहीं हो पाया है।
यात्रियों की संख्या में हुआ इजाफा
वर्ष 2015 में जहां यात्रियाें की संख्या एयरपोर्ट पर 15 लाख थी। वहीं अब यह वर्ष 2018 में अब तक यात्रियों की संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई है। हर साल 1.5 लाख यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वाच आवर नहीं बढ़ने के कारण विमानन कपंनियों को फ्लाइट्स का संचालन करने की अनुमति नहीं मिलती है। इस कारण वह यात्रियों की मांग के हिसाब से फ्लाइट्स का संचालन नहीं कर पाएं है।
1970 में चली थी दिल्ली के लिए फ्लाइट्स
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वर्ष 1970 फ्लाइट का संचालन शुरू हुआ। यहां से इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट दिल्ली के लिए गई थी। इसके बाद यहां पर फ्लाइट्स की संख्या बढ़ी। वर्ष 2009 से 2013 के बीच सबसे अधिक फ्लाइट्स बढ़ीं। एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू की फ्लाइट्स शुरू हो गईं। फ्लाइट्स बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया। पुराने एयरपोर्ट को इंटरनेशनल स्तर का बनाया गया। इसका उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर 2015 को किया। उद्घाटन करने के एक साल बाद यहां से 15 सितंबर 2016 को फ्लाइट का संचालन शुरू हुआ। एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट्स तक चलीं जब हाईकोर्ट ने दाखिल याचिका पर सुनवाई की। याचिका के बाद कोर्ट ने सख्ती के बाद फ्लाइट का संचालन किया गया। इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बने दो साल हो गए हैं लेकिन अभी तक इसकी व्यवस्था नहीं पूरी हो पाई है।
कोट ---
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। फ्लाइट्स की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रनवे रिकारपेटिंग का काम पूरा किया जा रहा है। जल्द ही एयरपोर्ट पर सभी काम पूरा कर लिया जाएगा। नए डेस्टीनेशन की फ्लाइट्स चलाई जाएगी। रनवे का काम पूरा होने केबाद 24 घंटे फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो जाएगा।
- दीपेश जोशी, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, इंटरनेशनल एयरपोर्ट