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चालान दायर

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नशे की ओवरडोज से मौत मामले में दो साल बाद कोर्ट में चालान दायर
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- पुलिस ने दो दोस्तों समेत नशा सप्लाई करने वालों को बनाया आरोपी
- पुलिस ने केस में बनाए 17 सरकारी गवाह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दो साल पहले सेक्टर-21 में नशे की ओवरडोज से हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने उसके दो दोस्तों समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चालान दायर किया है। तीसरे आरोपी ने ही युवकों को नशा सप्लाई किया था। दो साल बाद दायर चालान में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कुल 17 गवाह बनाए हैं।
इनमें मुख्य गवाह मृतक युवक की मां को बनाया गया है। वहीं, आरोपियों में सेक्टर-44डी निवासी नवदीप सिंह (26), दिशांत राणा (27) और नशा सप्लाई करने के आरोपी सागर (26) निवासी सेक्टर-21ए शामिल हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 और 34 के तहत आरोपी बनाया है।
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एक अगस्त 2016 को दर्ज मामले के अनुसार विजय लक्ष्मी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने दो बेटों के साथ सेक्टर-44 में रहती थी। उसका बड़ा बेटा नीरज प्राइवेट काम करता है, जबकि उसका छोटा बेटा अजय शर्मा उसके साथ सेक्टर-21 में खिलौने की दुकान में काम करता है। घटना वाले दिन अजय घर से कहकर गया था कि वह नवदीप व दिशांत के साथ पार्क में घूमने जा रहा है, लेकिन उस दिन वह घर वापस नहीं आया।
अगले दिन उन्होंने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान नवदीप उनके घर अखबार लेकर आया और सेक्टर-21 में एक युवक का शव पड़ा होने का समाचार दिखाया। उन्होंने नवदीप से अजय के बारे में पूछा तो नवदीप ने उन्हें बताया कि उन्होंने उसे पार्क में छोड़ दिया था। इसके बाद सब अपने घर चले गए थे। इतने में अजय की मां ने शोर मचाया तो आसपड़ोस के लोग वहां जमा हो गए।
जब नवदीप से दबाव देकर पूछा गया तो उसने बताया कि वह अजय और दिशांत सेक्टर-21ए में गए थे। वहां पर उन्हें सागर नाम का युवक मिला। अजय शर्मा ने सागर से नशीले इंजेक्शन लिए, उसके बाद उसने नशीला इंजेक्शन लगा लिया। जब वह इंजेक्शन लगाकर आया तो उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। इसके बाद वह तीनों अजय को सेक्टर-21 स्थित एक कोठी के बाहर छोड़कर घर चले गए थे।
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इसके बाद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। अजय शर्मा का शव जीएमएसएच-16 की मॉर्चरी में रखा गया था। वहां उसकी मां विजय लक्ष्मी ने उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने विजय लक्ष्मी के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा-304 व 34 के तहत नवदीप, दिशांत व सागर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब जाकर दो साल बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चालान दायर किया है। हालांकि, नशे से मौत होने के बावजूद इसमें एनडीपीएस की धारा नहीं लगाई गई है।
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