सरकारी स्कूलों का निजीकरण कर रही भाजपा : दुष्यंत
-कर्मचारियों की नियमित भर्ती के बजाय निजी कंपनियों के जरिए रखे जाएंगे कर्मचारी
-इनेलो सांसद ने सार्वजनिक किए दस्तावेज, कंपनियों के साथ सात साल का हुआ अनुबंध
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने जा रही है। यहां पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए दुष्यंत ने कंपनियों के साथ हुए सात साल के अनुबंध व विभागीय पत्राचार के दस्तावेज भी सार्वजनिक किए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में कर्मचारियों की नियमित भर्ती के स्थान पर अब निजी कंपनियों के जरिए भर्ती करने की योजना बनाई गई है। सरकार ने निजीकरण की पहल करते हुए एक कंपनी को प्राथमिक स्कूल में जेबीटी शिक्षकों के खाली पदों को भरने का पत्र भी जारी कर दिया है। सरकार के निर्णय का असर प्राथमिक, उच्च, सेकेंडरी विद्यालयों के अलावा आरोही व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों पर भी पड़ेगा। सरकार के ताजा निर्णय के बाद स्कूलों में कर्मचारियों की भर्ती निजी कंपनियां ही करेंगी। प्रथम चरण में स्कूलों में ग्रुप सी व डी कर्मचारियों की भर्ती का जिम्मा निजी कंपनियों को दिया जा रहा है। कंपनियों के साथ 7 वर्ष का अनुबंध किया गया है। इसके तहत कंपनियों को कर्मचारी भर्ती करने का अधिकार होगा और उन्हें 2.01 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। निजी कंपनियों के माध्यम से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन दिया जाएगा।
तीन हजार पदों पर करेंगी भर्ती
सांसद ने कहा कि निजी कंपनियां जल्दी प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े तीन हजार पदों पर भर्ती करने जा रही हैं। सरकार के जनविरोधी निर्णय से न केवल रोजगार पाने के समानता के अधिकारों का हनन हुआ है, बल्कि आरक्षण के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है। आउटसोर्सिंग की नीति से हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन व रोजगार कार्यालयों जैसी संवैधानिक संस्थाओं का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। प्रदेश में ग्रुप सी व डी की भर्ती के लिए विभिन्न विभागों के लिए हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन है तो फिर निजी फर्मों को करोड़ों रुपये कमीशन देने का क्या औचित्य है? दुष्यंत ने मांग की है कि सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में निजीकरण के इस फैसले तुरंत वापस ले, अन्यथा मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
रोजगार मेरा अधिकार मुहिम चलाएगा इनेलो
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ‘महत्वकांक्षी सक्षम योजना’ की पोल आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर खुल चुकी है। जानकारी के अनुसार 12 जिलों में कुल 2,62,768 युवाओं का पंजीकरण रोजगार कार्यालयों में है, जिसमें से केवल 290 युवाओं को रोजगार मिल पाया है। बेरोजगारों को 100 घंटे रोजगार देने के नाम पर चलाई गई सक्षम योजना के तहत मात्र 9,948 युवकों को ही रोजगार मिला है। सरकार की इस नीति की असफलता को देखते हुए इनेलो जल्दी युवाओं व बेरोजगारों के हकों के लिए ‘रोजगार मेरा अधिकार’ मुहिम चलाएगी।