सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज न देना बैक को पड़ा महंगा
पांच हजार रुपये मुआवजा और तीन हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त आधा प्रतिशत ब्याज न देना बैंक को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को आधा प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करे। साथ ही पांच हजार रुपये मुआवजा और तीन हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन में निर्देश का पालन करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता सुभाष अग्रवाल निवासी सेक्टर-21 चंडीगढ़ ने सेक्टर-20 डी और सेक्टर-7 चंडीगढ़ स्थित इंडियन बैंक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने 3 मार्च, 2016 को टैक्स सेविंग स्कीम के तहत पांच वर्ष के लिए एक लाख रुपये का एफडी कराया। इस पर 7.25 प्रतिशत ब्याज था। बैंक की प्रैक्टिस के अनुसार जब व्यक्ति सीनियर सिटीजन जो जाता है तो उसे अतिरिक्त आधा प्र्रतिशत ब्याज मिलता है। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि 22 मई, 2016 को वे सीनियर सिटीजन हो गए। शिकायतकर्ता इस संबंध में बैंक से संपर्क किया, लेकिन बैंक ने लाभ नहीं दिया। बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।