पंजाब के ध्यानार्थ....
होटल ललित के डायरेक्टरों को नहीं मिली राहत
- निचली अदालत की कार्रवाई के खिलाफ एडीजे कोर्ट में दायर की थी याचिका
-20 मार्च 2014 को बरनाला निवासी मनी सिंह की होटल में हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आईटी पार्क स्थित होटल ललित में मार्च 2014 में सगाई में आए 21 वर्षीय युवक की ऊपरी मंजिल से गिरकर मौत के मामले में इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत से होटल के सभी डायरेक्टरों को समन करने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को एडीजे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अदालत से 28 नवंबर 2017 को जारी आदेश के बाद दिल्ली निवासी होटल के डायरेक्टरों माधव सिक्का, अरविंद सचदेवा और रॉकी कालरा की ओर से याचिका की दायर गई थी। इससे पहले निचली अदालत ने उक्त सभी को सीआरपीसी की धारा 397 के तहत अदालत में पेश होने के लिए समन किए थे। डायरेक्टरों की ओर से याचिका में कहा गया था कि पुलिस को जांच में होटल प्रबंधन के खिलाफ कोई भी लापरवाही या अनियमितता नहीं मिली थी। वहीं, होटल के आर्किटेक्ट आंचल कटारिया को पहले ही चार्जशीट किया जा चुका है। फिलहाल, वह जमानत पर है।
वहीं, सीसीटीवी फुटेज के अनुसार हादसे का शिकार हुआ मनी सिंह हादसे के वक्त फोन पर बात कर रहा था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार हादसा मनी की खुद की लापरवाही से हुआ था, इसमें होटल मैनेजमेंट की गलती नहीं थी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा के अनुसार यह पूरी तरह से होटल प्रबंधन की गलती है। लेकिन, अब वह केस को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह है मामला
20 मार्च 2014 को आईटी पार्क स्थित होटल ललित में सगाई समारोह था। इसमें बरनाला निवासी मनी सिंह परिवार समेत शामिल होने आया था। कार्यक्रम के दौरान मनी होटल के एग्जॉस्ट शॉफ्ट में गिर गया। होटल प्रबंधन हादसे के बाद परिवार को जानकारी दिए बिना मनी को जीएमसीएच-32 ले गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता विजय कुमार ने पुलिस में होटल प्रबंधन और स्टाफ के खिलाफ शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि होटल स्टाफ की लापरवाही के कारण उनके बेटे की मौत हुई। उनका आरोप था कि होटल प्रबंधन और स्टाफ ने हादसे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी, जब उनके बेटे को अस्पताल ले गए। उसकी मौत होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी दी गई।