व्हाइट पेपर के जवाब में अकाली दल का जैनुअन व्हाइट पेपर
चंडीगढ़। पंजाब की कैप्टन सरकार द्वारा सोमवार को विधानसभा में पिछली अकाली-भाजपा सरकार की कारगुजारियों पर व्हाइट पेपर पेश किया गया, जिसके जवाब में, सदन में मौजूद पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने अकाली दल की ओर से एक व्हाइट पेपर लहरा दिया। उन्होंने इसे नाम दिया- जैनुअन व्हाइट पेपर।
बाद में, प्रैस गैलरी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि अपनी स्थापना के पहले दिन से ही पंजाब की कांग्रेस सरकार का सारा जोर पंजाब की वित्तीय हालत की दुहाई देकर अकाली-भाजपा सरकार को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार चुनाव में लोगों के किए वादों से भागना चाहती है।
सुखबीर बादल ने अपने व्हाइट पेपर में कर्ज के जिक्र का खुलासा करते हुए कहा कि यह विवाद का विषय है। मौजूदा कांग्रेस सरकार आरोप लगा रही है कि कर्ज 2007-17 के बीच 51010 करोड़ से बढ़कर 183000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि 2006-07 और 2016-17 की तुलना नहीं हो सकती क्योंकि 31 मार्च, 2007 को पंजाब के सिर 51010 करोड़ के कर्ज में पावरकॉम व खाद्य आपूर्ति के लिए लिया गया लंबी अवधि का कर्ज भी शामिल नहीं था, जो 2016-17 के 183000 करोड़ रुपये में शामिल है।