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पाक की सेना तानाशाह, करना होगा बेनकाब

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फ्लैग : पीयू के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विभाग व थिंक टैंक के नेशनल सेमिनार में निकला निष्कर्ष
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पाक मिलिट्री तानाशाह, इसे बेनकाब करने से निकलेगा कश्मीर का हल

- विशेषज्ञ बोले, पाक में कोई भी चीज स्टेब्लिस नहीं, इमरान खान को भी पीएम वहां की मिलिट्री ने ही बनाया

फोटो--

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान पस्त हो गया। इससे दोनों देशों में बढ़े तनाव को लेकर पीयू के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विभाग व थिंक टैंक ने नेशनल सेमिनार का आयोजन किया। निष्कर्ष निकला कि पाकिस्तान की मिलिट्री तानाशाह है। इसके लिए वहां की सेना को बेनकाब करना होगा। तभी कश्मीर मुद्दे का हल निकल सकता है। वहां की सेना नहीं चाहती कि इस मुदृदे का हल हो। वह शांति का समर्थन नहीं करती। मिलिट्री ही पूरा देश चला रही है। यहां तक की इमरान खान को पीएम बनाने में भी पूरा हाथ मिलिट्री का रहा है।
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सेमिनार का शुभारंभ पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने किया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के अलग से होने से काफी आर्थिक क्षति हुई थी। उन्होंने बताया कि पहले पाक की जीडीपी अधिक थी, लेकिन पाकिस्तान यूनाइटेड नहीं रह पाया। आज उसके कारनामे पूरी दुनिया के सामने हैं। उन्होंने बताया कि वहां की कानूनी व्यवस्था हो या फिर प्रशासनिक उसमें स्थायित्व नहीं है। इसके विपरीत भारत ने तेजी से प्रगति की है। लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आ सकता। पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला। विभाग अध्यक्ष डॉ. जसकरन सिंह वारिच ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रो. कौशिक ने कहा कि पाक की राजनीति कमजोर है। वहां की मिलिट्री ही राजनीति चलाती है। वहां की सेना तानाशाही पर उतारू है। वह खुद नहीं चाहती कि कश्मीर मुद्दे का हल हो। विशेषज्ञ डॉ. शालिनी चावला ने कहा कि 1971 में भी भारत ने एलओसी क्रॉस नहीं की थी। एयर स्ट्राइक नहीं की थी, लेकिन इस बार बेहतरीन ढंग से कार्य कर दुश्मन देश को सबक सिखाया है। आखिर में सभी विशेषज्ञों ने कहा कि इंडिया की सेना हमेशा हर कार्य के लिए तैयार रहे। यहां की कन्वेंशन कैपिबिलिटी आगे भी काम आएगी। इस मौकेपर प्रो. राकेश दत्ता, गुरदीप सिंह, ले. जनरल जेएस चीमा, एयर मार्शल जेएस चौहान आदि ने भी भारत-पाक के अतीत, वर्तमान व आगे के संबंधों पर प्रकाश डाला। विभाग अध्यक्ष डॉ. जसकरन सिंह ने सभी का आभार जताया।
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