पंजाब और हरियाणा के लिए
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हरियाणा और पंजाब में उम्मीद से कम, चंडीगढ़ में बारिश झमाझम
सबहेड
इस बार हरियाणा में 25 फीसदी और पंजाब में 15 फीसदी कम हुई बारिश
15 सितंबर से उत्तर भारत के राज्यों से शुरू हो जाएगी मानसून की विदाई
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। मौसम विभाग की उम्मीद के मुताबिक इस बार मानसून चंडीगढ़ के लिए तो अच्छा रहा मगर हरियाणा-पंजाब के कई इलाकों को निराश कर गया। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार चंडीगढ़ में मानसून सामान्य रहा। एक जून से लेकर 1 एक सितंबर तक चंडीगढ़ में कुल 695.7 एमएम बारिश होनी थी, जबकि 697.8 एमएम बारिश हो चुकी है। पंजाब में करीब 15 फीसदी कम बारिश हुई है। एक सितंबर तक पंजाब में 404 एमएम बारिश होने का अनुमान लगाया गया था, मगर अब तक 344 एमएम ही बारिश हुई है। पिछले साल की तरह इस बार भी हरियाणा के कई जिले मानसूून की बारिश से दूर रहे। मानसून सीजन के दौरान हरियाणा में करीब 25 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले दोनों राज्यों में अच्छी बारिश हुई है।
15 सितंबर तक है बारिश की उम्मीद
चंडीगढ़ मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 15 सितंबर के आसपास उत्तर भारत के कई इलाकों से मानसून की विदाई हो जाएगी। उसके बाद बारिश की उम्मीद काफी कम है। हालांकि 15 से पहले चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब में बारिश के दो स्पैल आने की संभावना है। दोनों ही स्पैल में अच्छी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। इससे हरियाणा व पंजाब में बारिश की कमी पूरी होने की संभावना है। यदि दोनों ही स्पैल में चंडीगढ़ में अच्छी बारिश हुई तो पांच सालों में सबसे बेहतर मानसून होगा।
इसलिए कम बारिश हुई
जानकारों का मानना है कि हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि इन इलाकों में सबसे देरी से मानसून पहुंचता है और विदाई भी सबसे पहले होती है। एक वजह यह भी है कि इन इलाकों में मानसून टर्फ के साथ हवा भी थोड़ी कमजोर पड़ती है। इसके अलावा हरियाणा व पंजाब में तेजी से हरियाली घट रही है। इसका भी असर बारिश पर पड़ता है। हालांकि चंडीगढ़ में भी पिछले सालों के मुकाबले कम बारिश हुई है। इसकी भी वजह यही है कि चंडीगढ़ के पेरीफेरी इलाके में तेजी से भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
पंजाब के ये इलाके सबसे सूखे रहे
जिला कितनी कम हुई बारिश
फिरोजपुर 74 फीसदी
मानसा 59 फीसदी
अमृतसर 45 फीसदी
बठिंडा 40 फीसदी
कपूरथला 40 फीसदी
जालंधर 37 फीसदी
हरियाणा के ये इलाके सबसे सूखे रहे
जिला कितनी कम हुई बारिश
रोहतक 53 फीसदी
पंचकूला 50 फीसदी
गुड़गांव 50 फीसदी
सोनीपत 50 फीसदी
हिसार 46 फीसदी
पानीपत 46 फीसदी
कोट
इस बार मानसून सामान्य के काफी करीब रहा है। अनुमान में पांच फीसदी ऊपर-नीचे की अशुद्धि हो सकती है। 15 सितंबर तक कम से कम दो बार अच्छी बारिश की संभावना है। ऐसे में हरियाणा व पंजाब में जो इस समय कमी है, उसके पूरी होने की उम्मीद है। अच्छी बात यह है कि धान की खेती वाले इलाकों में बारिश की ज्यादा कमी नहीं रही है।
-सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर, मौसम विभाग चंडीगढ़