चेन स्नैचिंग के एक और मामले में निजामुद्दीन बरी
- पुलिस एक बार फिर आरोप साबित करने में रही नाकाम
- चंडीगढ़ में स्नैचिंग के हैं 12 मामले दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चेन स्नैचिंग के एक और मामले को अदालत में साबित करने में चंडीगढ़ पुलिस एक बार फिर नाकाम रही। जिला अदालत ने गोल्ड चेन स्नैचिंग के पिछले साल दर्ज हुए मामले में आरोपी धनास निवासी निजामुद्दीन उर्फ सोनू को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इससे पहले चार अप्रैल को भी वह एक स्नैचिंग के मामले में बरी हुआ था। वर्तमान में उस पर कुल 12 स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं। इनमें से दो में वह बरी हो चुका है, जबकि अन्य अदालत में विचाराधीन हैं।
बचाव पक्ष की एडवोकेट प्रतिभा भंडारी के अनुसार, मामले में पुलिस से जुड़े जितने भी गवाह थे, सभी के बयान में अंतर सामने आए थे। जांच अधिकारी, रिकवरी विटनेस, मौके का बयान बनाने वाले सभी कर्मियों ने अदालत में अलग-अलग बयान दर्ज कराए थे। वहीं, शिकायतकर्ता महिला ने भी आरोपी को अदालत में पहचानने से इनकार कर दिया था।
वहीं, आरोपी निजामुद्दीन को जिला अदालत ने 4 अप्रैल को ही सेक्टर-17 थाने में दर्ज एक अन्य मामले में सुबूतों के अभाव में बरी किया था। इसमें उस पर 7 सितंबर 2017 को सेक्टर-23डी निवासी शशि बजाज का पर्स स्नैच करने का आरोप था। हालांकि, पुलिस इस मामले में भी कोई ठोस सुबूत नहीं पेश कर सकी थी। शिकायतकर्ता ने आरोपी के वारदात के वक्त हेलमेट पहनने होने के कारण उसे पहचानने से इनकार कर दिया था।
बाक्स
यह है मामला
पिछले साल 16 जुलाई को सेक्टर-37 निवासी प्रिया ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि, वह रात को सेक्टर-37सी के मंदिर में माथा टेकने गई थी। वहां से लौटते हुए करीब 11 बजे जब वह सेक्टर-37सी के पास पहुंची तो पीछे से एक्टिवा पर आए युवक ने उनके गले से गोल्ड चेन स्नैच कर ली। अंधेरा होने के कारण वह स्कूटी सवार का नंबर नहीं नोट कर सकी थी। इसके फौरन बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंची सेक्टर-39 थाना पुलिस ने प्रिया की शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 379, 356 और 411 के तहत केस दर्ज किया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने आरोपी धनास निवासी निजामुद्दीन उर्फ सोनू की मामले में गिरफ्तारी दिखायी थी।
बाक्स
स्नैचिंग के पिछले चार साल के आंकड़े
वर्ष स्नैचिंग की वारदात सजा बरी सजा की दर
2014 85 44 41 52
2015 132 61 71 46
2016 100 30 70 13
2017 20 02 18 10
(2017 का डाटा 30 मार्च तक का है)