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तनख्वाह लेने के लिए पहले जमा कराने पड़ते हैं पैसे

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10 हजार रुपये देकर मिलती है 25 हजार तनख्वाह
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या
तनख्वाह लेने के लिए पहले जमा कराने पड़ते हैं पैसे
क्रासर
- पीयू की इंस्पेक्शन कमेटी ने की पंजाब के निजी कालेजों की जांच
- सीनेट में दी गई रिपोर्ट, पीयू से मान्यता प्राप्त कालेजों में हो रही मनमानी
- किसी शिक्षक को 15 हजार का वेतन लेना हो तो पहले दस हजार रुपये देने पड़ते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कुछ निजी कालेजों में मनमर्जी का सिस्टम चल रहा है। बहुत ही कम तनख्वाह पर शिक्षक रखे जाते हैं और जब चाहे उन्हें हटा दिया जाता है। इससे उनके अधिकारों का हनन होता है। अगर किसी शिक्षक को 15 हजार तनख्वाह मिलनी है तो पहले उससे 10 हजार रुपये लिए जाते हैं। फिर शिक्षक के खाते में 25 हजार जमा कराए जाते हैं ताकि यूनिवर्सिटी इंस्पेक्शन हो तो जवाब दिया जा सके कि 25 हजार तनख्वाह दी जाती है। ऐसे कई खुलासे पीयू की तरफ से बनाई गई इंस्पेक्शन कमेटी की जांच में हुए। इंस्पेक्शन कमेटियों ने अलग-अलग कालेजों का दौरा कर रिपोर्ट जमा कराई है। हालांकि, रविवार को हुई सीनेट में इन रिपोर्टों पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी।
सीनेट सदस्य नीरू मलिक के मुताबिक पंजाब में चल रहे कुछ कालेजों ने नियम पूरी तरह से ताक पर रखे हुए हैं। शिक्षकों के अलावा स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जाता है। आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स को पहले तो बगैर फीस के दाखिला दे दिया जाता है, लेकिन जब डिग्री पूरी हो जाती है तो पैसों की डिमांड की जाती है। जो पैसे नहीं दे पाता, उसे डिग्री नहीं दी जाती।
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सभी कालेजों की जांच कराने की मांग
सीनेट के कुछ सदस्यों ने मांग की है कि पंजाब के सभी कालेजों की जांच कराई जानी चाहिए। इसके लिए सीनेट के सभी सदस्यों को एक-एक कालेज की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए ताकि बड़े स्तर पर अभियान चलाकर निजी कालेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों की हो रही दुर्दशा का पता चल सके। साथ ही ऐसे हालात सुधारे जा सकें।
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इंस्पेक्शन कमेटियों की रिपोर्ट पर नहीं होती कार्रवाई
सीनेट में मामला उठा कि इंस्पेक्शन कमेटियां कालेजों का दौरा कर जो रिपोर्ट तैयार करती हैं, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। रिपोर्ट ऐसे ही दबकर रह जाती हैं और कुछ कालेजों की तानाशाही जारी है। कार्रवाई न होने का जब मसला उठा तो उच्च अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि जल्द ही सभी इंस्पेक्शन कमेटियों की रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी।
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