फिल्म दिखाकर बताएंगे दादागीरी नहीं चलेगी
सुशील गंभीर
चंडीगढ़।
कॉलेज, यूनिवर्सिटी में पढ़ने आएं। जो जूनियर आते हैं, उनकी मदद करें। कहीं दादागीरी के चक्कर में जेल न जाना पड़ जाए। कुछ ऐसे ही संदेश के साथ पीयू और शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में शॉर्ट फिल्म और डाक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी। ताकि सीनियर नए आए विद्यार्थियों के मददगार बनें, बजाए उन पर रौब दिखाने के। सीनियर अपने जूनियर विद्यार्थियों के साथ अच्छे से बर्ताव करें। सोमवार को पीयू में एंटी रैगिंंग कमेटी की बैठक भी हुई, जिसमें कुछ नए सुझाव रखे गए, जिनसे रैगिंग जैसी कोई घटना न हो सके।
यूजीसी ने रैगिंग पर लगाम लगाने केलिए तीन शॉर्ट फिल्म बनवाई हैं, जिसे देश के सभी बड़े शिक्षण संस्थानों में भेजा गया। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए थे कि सभी यूनिवर्सिटी संबंधित कॉलेजों में यह शॉर्ट फिल्में समय-समय पर दिखाएं। ताकि सीनियर जागरूक हों कि जूनियर पर हावी ना हों।
बढ़ाए जांएगे कैमरे
पीयू की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में तय किया गया कि कैंपस में सीसीटीवी बढ़ाए जाएं। साथ ही हॉस्टल और अन्य संभावित क्षेत्रों की जल्द से जल्द पहचान कर वहां सुरक्षा मुहैया कराई जाए। चूंकि अब सेशन शुरू हो चुका है, तो ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए दो सब कमेटियां भी बनाई गई हैं, जिसमें पीयू केचीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भी हैं।
बॉक्स
रैगिंग की तो यह हो सकती है सजा
एडमिशन होगा रद्द
कक्षा से सस्पेंड
स्कॉलरशीप रद्द होगी
परीक्षा नहीं दे सकेंगे
25 हजार से एक लाख रूपये तक जुर्माना
मामला पुलिस तक गया तो तीन साल तक की सजा का प्रावधान
कोट
रैगिंग एक अपराध है और यही समझाने केलिए जागरूकता अभियान शुरू होगा। यूजीसी से आई शॉर्ट फिल्में रूटीन में दिखाई जाएंगी। साथ ही इंटरनेट पर भी इन्हें अपलोड कराया जाएगा।
प्रो. इमेनुअल नाहर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर