खनन के टिप्परों के फर्जी बिल बनाकर जुर्माना कम करवाने में 11वां आरोपी काबू
चंडीगढ़ में एक शोरूम में सेल्समैन है आरोपी, 10 आरोपी पहले ही ले चुके हैं एंटीसिपेट्री बेल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। अवैध खनन में इस्तेमाल 25 लाख रुपये से महंगी गाड़ियों के फर्जी बिल और कागजात तैयार करके उन्हें 25 लाख रुपये कम की दिखाने के मामले में सेक्टर-5 पुलिस थाना पुलिस ने 11वें आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मंदीप सिंह चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के टाटा पोस्को शोरूम में सेल्समैन के रूप में हुई है। आरोपी मूल रूप से पंजाब के मानसा का रहने वाला है। पुलिस ने उसको बुधवार को अदालत में पेश किया और यहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ये है पूरा मामला-
बता दें कि अवैध खनन में पकड़े जाने वाली गाड़ियों पर जुर्माने की राशि एनजीटी के निर्देश के मुताबिक अलग-अलग है। इसमें 25 लाख रुपये से कम कीमत की गाड़ियों के 2 लाख और उससे ज्यादा राशि की गाड़ियों पर 4 लाख रुपये का जुर्माना है। जुलाई 2021 में माइनिंग ऑफिसर ने अवैध खनन करते हुए 12 टिप्परों को हिरासत में लिया था। इन टिप्परों पर 4 लाख रुपये के हिसाब से कुल 48 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाना था। गाड़ी मालिकों ने आरोपी मंदीप के साथ मिलकर गाड़ी के फर्जी कागज और बिल तैयार किए और इनकी कीमत 25 लाख रुपये से कम दिखा दी। जांच के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आया और खनन अधिकारी ने सेक्टर-5 पुलिस थाने में जुलाई, 2021 में सभी 12 गाड़ियों के 10 मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। गाड़ी मालिकों ने उसी दौरान एंटीसिपेट्री बेल ले ली थी।
हर गाड़ी के फर्जी बिल के लिए लेता था 20 हजार रुपये
एएसआई नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि चंडीगढ़ में गाड़ियों के शोरूम में सेल्समैन आरोपी मंदीप सिंह ने 12 में से 10 गाड़ियों के फर्जी कागजात और बिल तैयार करके इनकी कीमत 25 लाख रुपये से कम बताई है, जिससे गाड़ियों पर जुर्माना 4 लाख के बजा 2 लाख रुपये ही लगे। इसके लिए वह कर बिल के 20 हजार रुपये लेता था और कुल 10 गाड़ियों के मालिकों से 2 लाख रुपये लिए थे।