लेजर वैली के पास बनेगा तारामंडल, जमीन की तलाश शुरू
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जमीन मिलते ही शुरू करा दिया जाएगा निर्माणकार्य, दिल्ली की तर्ज पर बनेगा प्लेनेटोरियम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में तारामंडल विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली, कपूरथला और कुरुक्षेत्र की तर्ज पर प्रशासन चंडीगढ़ में भी शानदार प्लेनेटोरियम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए जमीन तलाशने का काम शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को शानदार प्लेनेटोरियम तलाशने और उसकी तर्ज पर यहां भी तारामंडल बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन इसके लिए जमीन की तलाशने का काम शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि लेजर वैली के पास प्रशासन इसके लिए जमीन तलाश रहा है। जमीन फाइनल होते ही इसका निर्माण कार्य चालू कर दिया जाएगा।
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर सिटी ब्यूटीफुल में प्लेनेटोरियम को विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शहर में अब गिने चुने ही स्थल पर्यटकों के लिए रह गए हैं। ऐसे में पर्यटकों व शहर के लोगों के लिए कुछ नए पर्यटक स्थलों का निर्माण निहायत ही जरूरी हो गया है। इसी कड़ी में प्लेनेटोरियम बनाने की योजना पर काम करने को कहा गया है। यह तारामंडल दिल्ली के तारामंडल की तर्ज पर होगा। दूसरी जगहों पर जहां इससे भी बेहतरीन तारामंडल है, उनकी ड्राइंग व आर्किटेक्ट देखा जाएगा। उससे भी बेहतरीन तारामंडल चंडीगढ़ में बनेगा।
एडवाइजर ने बताया कि तारामंडल के लिए शहर में एक शानदार जगह पर जमीन तलाशने को कहा गया है। जल्द ही तय हो जाएगा कि यह प्लेनेटोरियम कहां बनेगा। उन्होंने बताया कि इसे शानदार पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार तारामंडल में संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप दिखाया जाएगा। इसमें सारे ग्रह, उपग्रह, ग्लैक्सीज इत्यादि की दिखाया जाएगा, जो लोगों को न केवल शिक्षा और ज्ञान की दिशा दिखाएगा, बल्कि उनका संपूर्ण मनोरंजन भी करेगा। एक बार निर्माण शुरू होने के बाद अन्य औपचारिकताएं तय कर ली जाएंगी।
एडवाइजर परिदा ने कहा कि कलाग्राम में अगर इसे बनाया तो कुछ दिक्कतें पेश आ सकती हैं, क्योंकि वहां पहले ही कुछ नए निर्माण को मंजूरी मिलने जा रही है। इस लिए लेजर वैली में इसके लिए जमीन तलाशने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार चूंकि यह शहर के बड़े पार्कों में से है लिहाजा यहां भी इसके लिए मंजूरी मिलना मुश्किल है। यहां नगर निगम या दूसरे संबंधित विभाग विरोध भी कर सकते हैं।