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नशा और अश्लीलता को बढ़ावा दे रही पंजाबी गायकी

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नशा, बंदूक, जातिवाद, अश्लीलता को बढ़ावा दे रही पंजाबी गायकी : बराड़
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब संगीत नाटक अकादमी व इपटा की ओर से पंजाब कला भवन में शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब में चल रही गायकी में लचरता और हिंसा के विषय पर चर्चा हुर्ह। कार्यक्रम में मुख्य मेहमान के रूप में पंजाब कला परिषद के चेयरमैन डा. सुरजीत पातर को बुलाया गया था। वह किसी कारणवश नहीं आ सके। कार्यक्रम में मुख्य भाषण पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के रजिंद्रपाल सिंह बराड़ का रहा। उन्होंने कहा मैं पंजाबी गायकी के विषय से काफी लंबे समय से जुड़ा हुआ हूं। पंजाबी गायकी में नशा, बंदूक, कचहरी, जातिवाद, अश्लीलता और महिलाओं की बेइज्जती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए हल ढूंढने की आवश्यकता है। पंजाब में इस प्रकार की गायकी का विरोध किया जाना चाहिए। रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया, बस और शादियों में भी अजीब तरह के गाने चलते हैं। इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
इस मौके पर पंजाब संगीत नाटक अकादमी के प्रधान केवल धालीवाल ने कहा कि आज के समय में फिल्में सिर्फ मजाक तक सीमित रह गई हैं। इस प्रकार की गायकी पर चिंता व्यक्त करने की जरूरत है। नौजवानाें को जागरूक करने की जरूरत है। इपटा के नेशनल प्रेजीडेंट रणबीर सिंह ने कहा कि यह केवल पंजाब की ही समस्या नहीं है यह पूरे देश की समस्या है। इस प्रकार गायकी केवल पंजाबी में ही नहीं बल्कि हिंदी और हरियाणवी में भी चल रही है। इससे पूरे देश का युवा गलत दिशा पकड़ रहा है।
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इस मौके पर विशेष मेहमान रहे अमरजीत गुरदासपुरी, डा. लखविंद्र सिंह सोहल, सुखविंद्र कौर बराड़ ने भी पंजाबी गायकी पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने विचार सांझा किए।
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