शिक्षक घर जाकर पता लगाएंगे बच्चे स्कूल क्यों नहीं आए?
शिक्षा विभाग ने रिजल्ट खराब आने के बाद उठाया सख्त कदम
बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए शिक्षा विभाग ने लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अब सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स क्लास नहीं लगाएंगे तो घर जाकर शिक्षकों को इंक्वायरी करनी होगी। शिक्षा विभाग ने दसवीं का खराब रिजल्ट आने के बाद यह कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए यह फैसला लिया गया है।
10वीं का रिजल्ट इस बार 48 फीसदी सरकारी स्कूलों का आया है। इस कारण शिक्षा विभाग ने स्कूल शिक्षकों की अब जिम्मेवारी तय की है कि अगर बच्चा स्कूल नहीं आएगा तो घर जाकर पता लगना होगा कि वह स्कूल क्यों नहीं आया। उसके पैरेंट्स से पूरी जानकारी लेने के बाद प्रिंसिपल को रिपेार्ट करना होगा। शिक्षा विभाग शिक्षकों की ड्यूटी नए सत्र से निर्धारित कर रहा है।
शहर के सरकारी स्कूल नए सेशन से चार जुलाई से खुल रहे हैं। अब अगर स्टूडेंट्स क्लास नहीं लगाएंगे तो टीचरों को उनके घर जाकर पता करना होगा कि स्टूडेंट्स किस कारण नहीं आया है। इसके अलावा स्टूडेंट्स ने कोर्स पूरा किया है कि नहीं यह भी अब टीचर्स को देखना होगा। अगर स्टूडेंट्स अपना कोर्स नहीं पूरा कर पाता है तो सब्जेक्ट टीचर्स को कमजोर स्टूडेंट्स की अलग से क्लास लगानी होगी। वहीं टीचर्स स्कूल में क्या पढ़ाता है। इसकी निगरानी स्कूल प्रिंसिपल को करनी होगी। रोजाना क्लास में पढ़ाने से एक दिन पहले टीचर्स को चैप्टर की रिपोर्ट प्रिंसिपल को देनी होगी। इसके बाद प्रिंसिपल की ओर से यह जांच की जाएगी कि संबंधित विषय के टीचर्स किस तरह से टीचर्स को पढ़ाएंगे। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग केडीएसई रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन देने केलिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। अगर स्टूडेंट्स क्लास में पढे़ंगे तो उनका रिजल्ट बेहतर होगा। नए सत्र से यह नियम पूरी तरह से लागू किया जाएगा।