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करोड़ो रुपये के वैट घोटाले मामले में आरोपी विपिन की जमानत याचिका खारिज

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करोड़ों रुपये के वैट घोटाले में आरोपी विपिन की जमानत याचिका खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। करोड़ों रुपये के वैट घोटाले के मामले में आरोपी इंडो-स्विफ्ट कंपनी के अकाउंटेंट विपिन कुमार मिश्रा द्वारा दायर की गई जमानत याचिका को जिला अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया है। मिश्रा के वकील ने जमानत याचिका में कहा कि मिश्रा को केस में फंसाया गया है। केस दस्तावेज एविडेंस से संबंधित हैं और मामले से जुड़े सभी दस्तावेज मिश्रा से रिकवर किए जा चुके हैं। वहीं पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मनु मक्कड़ ने कहा कि मिश्रा ने ही सेल्स डिपार्टमेंट के आफिशियल्स को फर्जी आदेश निकलवाने केलिए तीन लाख रुपये दिए थे। इन्हीं फर्जी आदेशों की वजह से कंपनी की 5.94 करोड़ रुपये की देनदारी को मात्र 11 हजार रुपये में बदल दिया था। मिश्रा ने फर्जी आदेश बनवाकर कंपनी के डायरेक्टर मुंजाल को ई-मेल भी किए थे।
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यह था मामला: 17 जुलाई, 2018 को वैट ट्रिब्यूनल की अदालत यूटी प्रशासन में लगी थी। अदालत में इंडो-स्विफ्ट कंपनी का केस भी लगा हुआ था। उस केस में एक्साइज डिपार्टमेंट ने कंपनी पर करीब 5 करोड़ रुपये का वैट घोटाला निकाला। एडवाइजर ने जब केस का स्टेटस पूछा तो कंपनी केवकील ने कहा कि उनका केस तो 2015 में ही खत्म हो चुका है। एक्साइज डिपार्टमेंट ने 5 हजार रुपये का टैक्स लेकर चालान कर दिया था। इस पर एडवाइजर को शक हुआ कि कैसे करीब पांच करोड़ रुपये का टैक्स मात्र पांच हजार रुपये के चालान में पूरा हो गया। इसके बाद जांच की गई तो घोटाला सामने आया, जिसके बाद विजिलेंस ने केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने रामतीर्थ और अंकित को राउंड-अप कर पूछताछ भी की थी।
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