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एसएसपी ट्रैफिक को नहीं मिलेगा पीयू लॉ में दाखिला

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एसएसपी ट्रैफिक को पीयू में नहीं मिलेगा लॉ का दाखिला
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एमडीयू रोहतक से पढ़ाई शिफ्ट करना चाहते थे शशांक आनंद
सिंडिकेट ने टाला प्रपोजल, दाखिले की तिथि भी निकल चुकी है और सीट भी खाली नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
यूटी के एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद को पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग में दाखिला नहीं मिलेगा। रविवार को हुई सिंडिकेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। एसएसपी के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया है क्योंकि दाखिले की आखिरी तिथि भी निकल चुकी है और लॉ विभाग में कोई सीट भी नहीं है।
दरअसल शशांक आनंद रोहतक स्थित महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के इवनिंग विभाग से लॉ कर रहे हैं। शशांक तीन वर्षीय लॉ के दो साल पास कर चुके हैं और पांचवें सेमेस्टर में पीयू में दाखिला लेना चाहते थे, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी। एसएसपी ने पीयू प्रबंधन को भेजे अपने प्रस्ताव में कहा था कि चूंकि रोहतक जाकर लॉ पूरी करना संभव नहीं है। उनकी ड्यूटी डेपुटेशन पर चंडीगढ़ में है तो उन्हें यहां माइग्रेट किया जाए। एसएसपी ने अपनी अर्जी में यह भी कहा कि उन्हें इस बात का पता है कि पीयू के इवनिंग लॉ विभाग में दाखिले की अंतिम तिथि 7 सितंबर थी, जो निकल चुकी है। चूंकि उस वक्त पीयू चुनाव और उसके बाद पंचकूला में डेरा प्रकरण को लेकर लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी में व्यस्त थे, तो माइग्रेशन सर्टिफिकेट समय पर नहीं दे पाए। हालांकि एसएसपी की यह दलील सिंडिकेट ने मंजूर नहीं की। बता दें कि इससे पहले यूटी के डीजीपी तजिंदर सिंह लूथरा को पीयू ने नियमों को ताक पर रख लॉ में दाखिले की मंजूरी दे दी थी।
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दिव्यांग को पांच फीसदी कोटे की मंजूरी
पीयू में दिव्यांग छात्रों को पांच फीसदी कोटा दिए जाने को सिंडिकेट में मंजूरी दे दी गई। पहले यह कोटा तीन फीसदी था। जनरल के 55 फीसदी में से दो फीसदी कम कर दिव्यांग कोटा बढ़ाया गया है। इसके अलावा रिटायर हो चुके प्रिंसिपलों को फिर से नियुक्ति देने के मामले पर सिंडिकेट में काफी बहस हुई क्योंकि कुछ एसोसिएट प्रोफेसर इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि बहस के बाद बैठक में यथास्थिति बनाए रखना तय हुआ। सिंडिकेट की अगली बैठक अब 10 दिसंबर को होगी।
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