पीयू नॉन टीचिंग स्टॉफ और पीयू प्रबंधन के आला अधिकारियों के बीच वीरवार को तनातनी का माहौल हो गया। तनावपूर्ण हालात तब बने, जब नॉन टीचिंग स्टॉफ की जनरल बॉडी मीटिंग हो रही थी। वहीं इसे अवैध करार देते हुए चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने एडमिन ब्लॉक के दरवाजे बंद करा दिए। मौके पर वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर और रजिस्ट्रार भी पहुंच गए। इस बैठक को बगैर किसी सूचना करने का हवाला दिया गया तो तनातनी ही गई। नॉन टीचिंग स्टॉफ की तरफ से कहा गया कि एक सप्ताह पहले ही सूचना दे दी गई थी। जब सबूत दिखाए गए तो माहौल सुधरा और तालमेल की कमी का हवाला देते हुए दरवाजे खोल दिए गए। कुल मिलाकर करीब एक घंटे तक दरवाजे बंद रहे और नॉन टीचिंग स्टॉफ ने इस पर रोष भी जताया। वहीं दरवाजे बंद होने से एडमिन ब्लॉक में काम के लिए छात्र भी परेशान होते रहे।
दफ्तर केबाहर हो रही थी मीटिंग
नॉन टीचिंग स्टॉफ एसोसिएशन के प्रधान दीपक कौशिक ने बताया कि जनरल बॉडी की मीटिंग एसोसिएशन के दफ्तर के बाहर हो रही थी। चूंकि दफ्तर छोटा है और एसोसिएशन के सदस्य ज्यादा हैं। साढ़े दस बजे केकरीब जब मीटिंग खत्म भी हो चुकी थी, तो पीयू प्रबंधन अधिकारी एडमिन ब्लॉक पहुंच गए और मीटिंग को अवैध और रैली बताते हुए दरवाजे बंद कर दिए। किसी को न तो अंदर आने दिया न बाहर जाने दिया। कौशिक के मुताबिक उन्होंने सफाई दी कि न तो यह कोई रैली है और न ही बगैर सूचना के बैठक आयोजित की गई। एक सप्ताह पहले रजिस्ट्रार दफ्तर में पत्र भेजकर इस जनरल बॉडी की मीटिंग बारे बता दिया गया था। कौशिक ने बताया कि जब वह पत्र देखा तो पीयू प्रबंधन ने माना कि यह तालमेल की कमी की वजह से हुआ। वहीं प्रबंधन की तरफ से यह भी कहा गया कि ड्यूटी टाइम में ऐसे नहीं किया जा सकता। जिस पर सफाई दी गई कि मीटिंग साढ़े बजे से पहले खत्म कर दी गई और स्टॉफ का काम साढ़े दस बजे शुरू होता है।