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खेती को जीएसटी से बाहर करे सरकार

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जीएसटी के खिलाफ पंजाब में किसान संगठनों का प्रदर्शन 13 को
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- संगठनों की मांग, खेती को जीएसटी के दायरे से बाहर रखे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि खेती को जीएसटी से बाहर किया जाए। इसे लेकर संगठन 13 जुलाई को पूरे पंजाब में एसडीएम दफ्तरों पर रोष प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राजेवाल और लखोवाल गुट की साझी मीटिंग में भविष्य में किसानों के संघर्ष में एकजुट लड़ाई लड़ी जाएगी। आपसी सहयोग से ही संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसकेलिए दोनों गुटों केनेताओं की एक तालमेल कमेटी बनाई जाएगी। बैठक में खाद, कीटनाशक और खेती उपकरणों पर जीएसटी लगाने की कड़ी निंदा की गई।
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वक्ताओं ने कहा कि पिछले साल पंजाब में किसानों ने 3270 करोड़ की खाद और 5700 करोड़ के कीटनाशकों का प्रयोग किया था। खाद पर कोई टैक्स नहीं होता, पांच प्रतिशत टैक्स लगा कर किसानों पर दो सौ करोड़ का बोझ डाल दिया गया है। इसी तरह कीटनाशकों पर जीएसटी केकारण किसानों पर 342 करोड़ का बोझ पड़ेगा। खेती उपकरणों व ट्रैक्टर पर 12-18 प्रतिशत जीएसटी केकारण भी किसानों पर 250 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान तबाह हो जाएंगे। बैठक में फैसला किया गया कि इसकेविरोध में 13 जुलाई को पूरे पंजाब में एसडीएम दफ्तरों पर धरने दिए जाएंगे। जीएसटी केपुतले फूंककर एसडीएम को मांगपत्र दिए जाएंगे, जिनमें खेती को जीएसटी से बाहर करने की मांग की जाएगी। राज्य सरकार भी किसानों के कर्ज माफ करने के वादे को लटका रही है। मीटिंग में बलबीर सिंह राजेवाल और अजमेर सिंह लखोवाल, दोनों गुटों केपदाधिकारी भी मौजूद थे।
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