चंडीगढ़। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाले दिव्यांगजनों और उनके कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को स्टेट अवॉर्ड 2020-21 से सम्मानित किया।
पंजाब भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समागम के दौरान 11 शख्सियतों और संस्थाओं को स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनमें हरपिंदर कौर, लेक्चरर पवन कुमार और पूजा शर्मा को मुलाजिम वर्ग, राजवीर कौर और मनदीप सिंह को स्व-रोजगार वर्ग और संस्थाओं में अंबूजा मनोविकास केंद्र (अंबूजा सीमेंट फाउंडेशन प्रोजेक्ट) रूपनगर और स्पीकिंग हैंड्स वेलफेयर फाउंडेशन पटियाला को सर्वोत्तम संस्था वर्ग, हरिंदर पाल सिंह और इंडियन रेड क्रास सोसायटी रूपनगर को व्यक्तिगत वर्ग, जबकि सुमित सोनी बठिंडा और मिस रेनू रानी पटियाला को खिलाड़ी वर्ग में स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
समागम को संबोधन करते हुए चौधरी ने कहा कि पंजाब सरकार ने ही राज्य में दिव्यांगजनों को सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती और तरक्कियों में आरक्षण 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया है, दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए ‘पंजाब दिव्यांगजन सशक्तीकरण योजना’ लागू की जा चुकी है। नौकरियों में भर्ती के समय दिव्यांगजनों के बैकलॉग के पद भरने के लिए सरकार द्वारा सभी सरकारी विभागों के रोस्टर रजिस्टर कैंप लगाकर चेक करवाए गए हैं और हर विभाग में बनता बैकलॉग निकाला गया है। जो दिव्यांगजन टाइपिंग नहीं कर सकते, उनको टाइपिंग टेस्ट से छूट है और जो व्यक्ति टाइप कर सकते हों, उनको टाइपिंग टेस्ट में प्रत्येक 10 मिनट के पीछे 3 मिनट 20 सेकेंड का अतिरिक्त समय देने की व्यवस्था भी की गई है।
पंजाब की कुल आबादी का 2.13 फीसदी हैं दिव्यांगजन
मंत्री ने कहा कि पंजाब में कुल 6.5 लाख दिव्यांगजन हैं, जो कुल आबादी का 2.13 प्रतिशत है। इन सबके विलक्षण पहचान पत्र (यूडीआईडी) बनाए जा रहे हैं। राज्य में यूडीआईडी (विलक्षण विकलांगता पहचान) कार्ड बनाने के लिए अब तक 3,33,994 दिव्यांगजनों के लिए रजिस्ट्रेेशन करवाए हैं और 1,95,295 व्यक्तियों को यूडीआईडी कार्ड मुहैया करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूडीआईडी कार्ड बनाने में पंजाब देश भर में से 11वें स्थान से 7वें नंबर पर पहुंच गया है।