फ्लैग: आचार संहिता के उल्लंघन का पहला मामला, भाजपा नेता आए घेरे में
कम्यूनिटी सेंटर में कार्यक्रम कर फंसे टंडन, आयोग ने थमाया नोटिस
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के अलावा छह पार्षदों और 3 एसडीओ को भी नोटिस
चुनावी सभा करने का आरोप, 24 घंटे में देना होगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आचार संहिता लागू होने के बाद कम्यूनिटी सेंटर में राजनीतिक कार्यक्रम कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन मुश्किल में पड़ गए हैं। कांग्रेस की ओर से शिकायत मिलने के बाद जिला नोडल अधिकारी और अतिरिक्त कमिश्नर अनिल गर्ग ने संजय टंडन, पूर्व मेयर अरुण सूद, पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली, रवि शर्मा, हाजी खुर्शीद, भारत कुमार, सतप्रकाश अग्रवाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही तीन एसडीओ अंकुर बंसल, राम सिंह और विनोद व्यास को भी नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आचार संहिता लागू होने के बाद उल्लंघन का यह पहला मामला है।
नोटिस में कहा गया है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी प्रॉपर्टी में राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके संजय टंडन व अन्य पार्षदों ने शहर के तीन कम्यूनिटी सेंटरों सेक्टर-29, सेक्टर-37 व रामदरबार में राजनीतिक सभा का आयोजन किया। यह साफ तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है। आयोग ने 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है कि किसकी अनुमति से कार्यक्रम किया गया।
यह था मामला
मंगलवार को चंडीगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन द्वारा सेक्टर-29, सेक्टर-37 व रामदरबार में स्थित कम्यूनिटी सेंटर में पार्टी के कार्यकर्ताओं संग बैठक की गई थी। इसमें लोकसभा चुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया। कंाग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा व मुख्य सचिव विनोद शर्मा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए आयोग से शिकायत कर दी।
कोट्स---
यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पब्लिक मीटिंग थी। अगर कोई राजनीतिक कार्यक्रम होता तो पार्टी के झंडे, बैनर होते लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। चुनाव आयोग के नोटिस की जानकारी मिली है। राय लेकर जवाब दिया जाएगा। - शक्ति प्रकाश देवशाली, पार्षद
मुझे अभी तक जिला नोडल अधिकारी की तरफ से नोटिस नहीं आया है। अगर नोटिस आता है तो कानूनी टीम से राय लेकर उसका जवाब दिया जाएगा। हालांकि वह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। - संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा