1270 करोड़ का पास होगा नगर निगम का बजट
नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक 8 फरवरी कोे
प्रशासन से मांगे थे 1026 करोड़ रुपये, मिले 269 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक 8 फरवरी को है। इस बैठक में नगर निगम के बजट पर चर्चा के बाद मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद बजट नगर निगम सदन की बैठक में लाया जाएगा। सदन की बैठक में पास होने के बाद इसे प्रशासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। नगर निगम ने अपने अधिकारियों और सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट को अंतिम रूप देने की कोशिश की है।
जानकारी के अनुसार इस बार वर्ष 2019-20 के लिए नगर निगम करीब 1270 करोड़ रुपये का बजट लेकर आ रहा है। इस बजट में 800 करोड़ रुपये मानव संसाधन और अन्य रखरखाव पर खर्च होंगे, जबकि करीब चार 470 करोड़ नए विकास के कार्यों पर खर्च होंगे। नगर निगम ने प्रशासन से 1026 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन 269 करोड़ रुपये मिले हैं। बाकी की राशि की प्रशासन से मांग की जाएगी।
तो न लगाना पड़े टैक्स
चतुर्थ दिल्ली वित्तीय आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर नगर निगम को एक हजार करोड़ रुपये से भी अधिक राशि मिलना चाहिए। यदि इस अनुसार रुपये मिल जाएं तो नगर निगम शहर में विकास की झड़ी लगा दे और शहर के लोगों पर कोई अतिरिक्त टैक्स भी न लगाना पड़े। वित्तीय आयोग की अनुशंसा के अनुसार वैट, एक्साइज, जीएसटी, मोटर व्हीकल रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी से काफी बड़ी राशि करीब 1030 करोड़ से भी अधिक प्राप्त हो सकती है।
चौथे दिल्ली वित्तीय आयोग की अनुशंसा के अनुसार ही नगर निगम ने 1026 करोड़ रुपये की मांग की, लेकिन इसे 269 करोड़ रुपये ग्रांट इन एड मिला है। नगर निगम अपने स्रोत से अनुमानित आमदनी 276 करोड़ रुपये जुटाएगा।
यह है आमदनी के स्रोत
अपने स्रोतों से आमदनी 276 करोड़ इसमें एस्टेट से करीब 15 करोड़, पानी और सीवर सेस से एक सौ करोड़, प्रापर्टी टैक्स (रिहायशी और व्यावसायिक) से 52 करोड़, पार्किंग, इलेक्ट्रिसिटी सेस, काउ सेस और रोडकट चार्ज से 109 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। बाकी की राशि प्रशासन से मांगी जाएगी।
ये होंगे अनुमानित खर्च
करीब 1270 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें विभिन्न विकास की नई योजनाओं पर 470 करोड़ रुपये और 800 करोड़ रुपये मानव संसाधन विकास और पुराने किए गए कार्याें के रखरखाव पर खर्च होंगे।