रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ
पीजीआई कर्मचारियों की हड़ताल पर पीजीआई की रोक
पीजीआई की दो यूनियनों ने मांगों को लेकर 4 सितंबर को चेन हंगर स्ट्राइक की घोषणा की थी
प्रशासन ने शहर में लगाई धारा 144, यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीजीआई कर्मचारियों की यूनियनों द्वारा 4 सितंबर को चेन हंगर स्ट्राइक पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। शुक्रवार को यूटी प्रशासन ने बताया कि शहर भर में धारा-144 लगा दी गई है। शहर में सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड को छोड़ किसी भी अन्य जगह पर धरना, प्रदर्शन, भाषण आदि और पांच से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सीनियर स्टैंडिंग काउंसल सुवीर सहगल ने शुक्रवार को पीजीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।
पीजीआई कर्मचारियों की यूनियनों की हड़ताल के एलान के बाद पीजीआई के निदेशक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर वीरवार को हाईकोर्ट के नोटिस के बाद शुक्रवार को पीजीआई कर्मियों की यूनियनों के नेता हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनकी कई मांगें हैं। इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि मांगें पूरी किए जाने के लिए और भी रास्ते हैं।
नेताओं की दलीलों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपना हंगर स्ट्राइक नोटिस पर रोक लगा दी।
पीजीआई के निदेशक ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया था कि पीजीआई की दो कर्मचारी यूनियनों ने 4 सितंबर को चेन हंगर स्ट्राइक की कॉल दी है। नोटिस में उन्होंने कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह एक दिन के सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं या पेन डाउन, टूल डाउन आदि के जरिये अपना रोष प्रकट कर सकते हैं। इसी को पी.जी.आई. प्रबंधन ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
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धारा-144 लगने से पीयू और कॉलेजों के चुनाव प्राचर भी होंगे प्रभावित
चंडीगढ़ के डीएम अजित बालाजी जोशी ने अगले 60 दिनों तक शहर में धारा-144 लगाने की घोषणा कर दी है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार शहर में पांच या उससे ज्यादा लोगों के एकत्रित होने, रैली और धरने-प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है। पीयू और शहर के कॉलेजों में अगले सप्ताह चुनाव होने जा रहे हैं और छात्र नेता प्रचार में लगे हैं। ऐसे में चाहे पीयू और कॉलेजों के केम्पस में इसका असर न हो लेकिन कैं पस के बाहर अब रैली, प्रदर्शनों और रोड शो आदि निकाल अपनी राजनीति चमकाने का छात्र नेताओं को मौका नहीं मिल पाएगा।