युवती से दुराचार के दोषी युवक को 10 साल कैद
- अदालत ने 1.07 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
- एक लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बहन की सहेली से दुराचार कर उसे गर्भवती बनाने वाले विकास नगर मौलीजागरां निवासी अजय कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 1.07 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। अजय कुमार के खिलाफ पीड़िता की शिकायत पर मौलीजागरां थाना पुलिस ने सितंबर 2016 में आईपीसी की धारा 342, 376 और 506 के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस में दी शिकायत में पीड़िता ने कहा था कि वह तीन साल पहले यहां मां और बहन के साथ आई थी। कुछ समय बाद यहां रहने वाली एक लड़की से दोस्ती हो गई। एक दिन वह उसे घर गई तो वहां उसका भाई अजय मिला। उसने उसे जबरन कमरे में बंद कर लिया और उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसने विरोध किया तो अजय ने चाकू निकाल उसे धमकाया। इसके बाद उसने उसके साथ दुराचार किया।
वारदात के करीब दो महीने बाद एक दिन अजय उसे मार्केट में मिला और उसे बताया कि उसने मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक फोटो ली थी। अगर वह उसे दोबारा मिलने नहीं आई तो वह उन्हें सभी को फारवर्ड कर देगा। इसके बाद पीड़िता उसे मिलने गई तो अजय ने उससे फिर से दुराचार किया। पीड़िता के अनुसार अजय उसे दो साल तक ब्लैकमेल कर उससे दुराचार करता रहा।
12 अगस्त 2016 को उसकी मां ने उसका पेट बढ़ता देख उसे पूछा तो उसने सब कुछ बता दिया। मां उसे चेकअप के लिए अस्पताल ले गई तो पता चला कि वह गर्भवती है। पीड़िता की मां अजय के घर गई और घटना के बारे में बताया। शिकायत के अनुसार दोषी की मां ने उसकी और अजय की शादी कराने का आश्वासन दिया। लेकिन, कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि अजय की कहीं और शादी हो गई है। इस पर पीड़िता ने अजय के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाया। जांच पड़ताल और पीड़िता के मेडिकल के बाद पुलिस ने अजय के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। वहीं, पीड़िता का अदालत से मंजूरी मिलने के बाद गर्भपात कराया गया था। पीड़िता के बयान के आधार पर अदालत ने अजय को दोषी पाया और बुधवार को उसे सजा सुनाई।