अवैध कालोनियों में रहने वाले बिजली उपभोक्ताओं को विभाग ने पीले रंग के बिल भेजने का प्रस्ताव पास कर दिया है। विभाग का मकसद है कि इसके जरिये उपभोक्ताओं को यह अहसास दिलाया जा सके, कि वह अवैध कॉलोनियों में रहते हैं।
बिजली के पीले बिल भेजने की कवायद शुरू की जा चुकी है और भविष्य में भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।
जिले में अवैध कॉलोनियों की भरमार है। पलवल, होडल, हथीन व हसनपुर शहर व कस्बों में ही नहीं बल्कि बडे़-बड़े गांवों में भी बिल्डरों ने अवैध कॉलोनियां काट रखी हैं। कुछ बिल्डरों ने अब तक जिला योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया है। निवेशकों को भी झूठे दस्तावेज दिखाकर गुमराह किया गया है।
पलवल शहर में पिछली सरकार में 13 अवैध कॉलोनियों को नियमित किया गया था, परंतु शहर में अभी भी आधा दर्जन से ज्यादा अवैध कॉलोनियां बनी हुई हैं। इस प्रकार की कॉलोनियां बनने का खेल अभी भी जारी है। प्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को जागरूक करने और उनकी पहचान करने के लिए एक योजना भी बनाई है। इस संबंध में सरकार की ओर से पत्र मिलने के बाद निगम ऐसी अवैध कॉलोनियों व उनमें बने मकानों का ब्यौरा तैयार करने जा रहा है।
चल रहा तोड़फोड़ अभियान
शहरों में बिना एनओसी लिए प्लॉट खरीद लिए जाते हैं और उन पर मकान बना दिए जाते हैं और इसी आधार पर बिजली निगम से कनेक्शन भी ले लिए जाते है। हालांकि जिला योजनाकार की तरफ से ऐसी अवैध के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया हुआ है, लेकिन जहां बसावट ज्यादा है वहां विभाग को विरोध का भी सामना करना पड़ता है।
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सरकार से इस आशय का पत्र प्राप्त होने के बाद कवायद शुरू हो चुकी है। इसके तहत अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को पीले बिल भेजे जाएंगे। इसका लक्ष्य लोगों को जागरूक करना है, जो अवैध कालोनियों व मकानों में रह रहे हैं। सरकार का मकसद यह है कि इस तरह के अवैध कालोनियों पर शिकंजा कसा जा सके और लोगों में जागरूकता आए।
-प्रदीप कुमार चौहान, एक्सईएन, बिजली विभाग।