यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर-पलवल-बुलंदशहर मार्ग पर आने वाला ट्रैफिक डायवर्ट कर निकाला जा सकता है। वहीं, जेवर से आने वाला ट्रैफिक वनवे से पलवल की तरफ निकाला जाए। यमुना प्राधिकरण को यह सुझाव जेवर के निवासियों ने दिया है।
पलवल से जेवर और बुलंदशहर तक लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए जेवर से ठाकुर धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने युमना प्राधिकरण के एसीईओ आरके सिंह से बुधवार को मुलाकात कर इसके साथ एक अन्य विकल्प भी सुझाया है। इससे पहले जिलाधिकारी एनपी सिंह ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से सुलझाने की पहल कर दी है। दो से तीन दिनों में इस मुद्दे पर जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर, यमुना प्राधिकरण के एसीईओ, एसडीएम जेवर, एसडीएम टप्पल, दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों और यमुना एक्सप्रेसवे संचालित करने वाली कंपनी के अधिकारियों के साथ आकर हल निकालने का प्रयास करेंगे।
विकल्प-1
पलवल से आने वाले ट्रैफिक को टप्पल की ओर मोड़कर यमुना एक्सप्रेसवे से जाने दिया जाएगा। यहां से जेवर इंटरचेंज के पास ट्रैफिक को उतारा जा सकता है। वहीं, जेवर की ओर से मौजूदा रोड पर एकल मार्ग घोषित कर ट्रैफिक निकाला जाएगा। जिससे जाम की समस्या खत्म हो सकती है। इसके लिए प्रशासन, प्राधिकरण, एक्सप्रेसवे का संचालन करने वाली जेपी कंपनी से बैठक कर इन वाहनों के लिए मौजूदा दरों से कम टोल वसूली की जाए। जिससे यहां से निकलने वाले वाहनों पर अधिक भार न हो।
विकल्प दो
दूसरे विकल्प में पलवल से आ रहेा ट्रैफिक को हामिदपुर से मेवला गोपालगढ़ (जेवर) की तरफ कुछ दूरी चलने के बाद सारौल की ओर मुड़कर यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर मिलाया जा सकता है। यहां से नीमका शाहजहांपुर और बुलंदशहर के लिए आसानी से ट्रैफिक जा सकता है। मौजूदा समय में दनकौर तक सर्विस रोड चल रही है। वहीं, जेवर तक सर्विस रोड बनाने का कार्य प्रस्तावित है। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए जेवर से करीब चार किलोमीटर आगे तक रोड बनाने की जरूरत पड़ेगी। इसमें अड़ंगा यह है कि जेवर से आगे सर्विस रोड के स्थान पर मुख्यमंत्री की योजना में पौधरोपण किया जाना प्रस्तावित है।
3 मई को इस मुद्दे पर जेवर में पंचायत और प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इससे पहले अधिकारियों के साथ बातचीत में जाम की समस्या का हल निकाला जाएगा तो पंचायत नहीं होगी। - ठाकुर धीरेंद्र सिंह, कांग्रेस नेता
जेवर-पलवल-अलीगढ़ मार्ग पर जाम की समस्या के लिए प्रतिनिधिमंडल ने कुछ सुझाव दिए हैं। प्रशासन और एक्सप्रेसवे संचालित करने वाली कंपनी के साथ बैठक कर योजना बनाने का प्रयास किया जाएगा। - आरके सिंह, एसीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण