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मजदूरों और कर्मचारियों ने निकाला जुलूस, सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का जताया विरोध

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पलवल में मजदूर दिवस पर जुलूस निकालते कर्मचारी - फोटो : Palwal
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पलवल। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर रविवार को सर्व कर्मचारी संघ, सीआईटीयू, किसान सभा, रिटायर कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में ब्राह्मण सभा धर्मशाला में सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों और मजदूरों ने ब्राह्मण धर्मशाला से बस अड्डे पलवल तक जुलूस निकालकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी की।
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सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, किसान सभा के जिला प्रधान धर्म सिंह ने कहा कि दुनिया में शासक वर्ग तो मजदूर वर्ग का शोषण अपने मुनाफे के लिए तथा मुनाफा बढ़ाने के लिए करता है। इसी शोषण के खिलाफ मजदूरों ने अपने हकों के लिए अनेकों बार संघर्ष किए। एक मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में लाखों मजदूरों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से श्रम कानूनों को तोड़ा जा रहा है तथा सारे श्रम कानून पूंजीपतियों के पक्ष में बनाए जा रहे हैं, उससे मजदूरों का शोषण हो रहा है। भाजपा सरकार ने हिंदुस्तान के 44 श्रम कानूनों को समाप्त करके 4 बिल कोड बनाए हैं और वह चारों भी बिल्कुल पूंजीपतियों के समर्थक हैं। हरियाणा सरकार ने भी कौशल रोजगार निगम बनाया है। इसके अंदर केवल कच्ची भर्तियां की जाएंगी, जिसका न्यूनतम वेतन तय नहीं है। पक्के रोजगार का हरियाणा सरकार ने इलाज कर दिया है। पक्की नौकरी तो सपने में भी नहीं दे पाएगी सरकार। इस मौके पर सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में आज की परिस्थितियों में और अधिक इकट्ठा होकर संघर्ष करने पर बल दिया।
सम्मेलन का संचालन सर्व कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान हरकेश ने किया। सम्मेलन को कर्मचारी नेता ओम प्रकाश जाखड़, देवी सिंह सजवाल, किसान नेता सोनपाल चौहान, रमेश चंद, राकेश तंवर, सीटू के नेता भागीरथ बेनीवाल, दरियाव सिंह, रामरति चौहान, बबली सैनी, शशि देवी, कमला, ऊषा देवी, संतोष देवी ने भी संबोधित किया।
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