- उपभोक्ता आयोग ने दिए ब्याज सहित रुपये लौटाने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उपभोक्ता आयोग ने छह साल पहले एक महिला उपभोक्ता को एटीएम से पैसे नहीं मिलने के मामले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 10 हजार रुपये लौटाने का आदेश दिया है। यह राशि छह फीसदी ब्याज दर सहित वापस की जाएगी। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष फूल सिंह ने दिया है। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान बैंक के तर्कों को खारिज करते हुए आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता नीमा ने घटना के दिन बैंक के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी और एटीएम से पैसे न मिलने की सूचना दी थी।
आयोग ने यह भी माना कि बैंक ने सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत नहीं की, जो यह साबित करती कि पैसे निकाले गए थे। आरबीआई के नियमों के तहत, बैंक की जिम्मेदारी है कि वह उपभोक्ता को उसकी राशि वापस करे, जब वह अपनी शिकायत सही समय पर दर्ज कराए। आयोग ने पीएनबी को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता नीमा देवी को दस हजार रुपये के साथ छह फीसदी ब्याज दर से भुगतान करें। साथ ही इस आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर किया जाए।
गांव मीसा की रहने वाली नीमा देवी ने 17 दिसंबर 2018 को पीएनबी के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले। इसके बावजूद, उनकी बैंक खाते से यह राशि डेबिट कर दी गई थी। नीमा ने बैंक से कई बार संपर्क किया, लेकिन उनकी राशि वापस नहीं मिली थी। उन्होंने चार अक्तूबर 2019 को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन इससे भी कोई समाधान नहीं निकला था। इस बाद नाराज पीड़िता ने बैंक के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। बैंक ने आयोग में अपने बचाव में कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार, ट्रांजेक्शन सफल रहा था और दस हजार रुपये निकाले गए थे। बैंक का कहना था कि एटीएम मशीन में कोई कमी नहीं थी और नीमा ने स्वयं ही पैसे निकाले थे। आयोग ने बैंक के तर्कों को खारिज कर दिया था।