पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने में किसान संगठनों व राज नेताओं को समर्थन लगातार जारी है। शनिवार को इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने सरकार पर जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों के साथ आगे की पंक्ति में खड़ा रहूंगा। वहीं दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान, भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता और पूर्व आईजी रणवीर शर्मा ने किसानों को सरकार बनाने पर जोर दिया।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी रगों में देवीलाल का खून बह रहा है, जिन्होंने हमेशा किसानों के हित की लड़ाई लड़ी थी। राजनीति को छोड़कर किसानों के साथ अगली पंक्ति में खड़ा रहेंगे। लॉकडाउन में सरकार द्वारा किसानों की जमीन छीनने की योजना तैयार की गई। तभी से किसान संगठनों ने इन कानूनों को विरोध शुरू कर दिया। पंजाब के किसानों ने आंदोलन की शुरुआत की और पूंजीपतियों का विरोध शुरू कर दिया, लेकिन छह महीने बाद भी सरकार सुनने को तैयार नहीं है। आज देश का अन्नदाता सड़कों पर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है और उनके बच्चे सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं। भाजपा सरकार लोगों को बांटने का काम करती है।
विधायक व सांगवान खाप के प्रधान सोमवीर सांगवान ने कहा कि जब किसान जिंदा रहेगा, तभी देश जिंदा रहेगा। देश में 85 प्रतिशत छोटा किसान है। इन कानूनों से छोटा किसान खत्म हो जाएगा। उन्होंने किसानों के हित के लिए चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया। अब जब तक ये कानून वापस नहीं होंगे, किसानों के साथ लड़ाई लड़ते रहेंगे। ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि आज पूरे देश का किसान सड़कों पर है। यह देश का सबसे बड़ा आंदोलन है। इसमें जातिवाद को कभी मत आने देना। यह लड़ाई एकजुट होकर ही जीती जा सकती है।
वहीं पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को सही ठहराने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, जबकि यह कानून किसानों के लिए बिल्कुल हित में नहीं है। यदि मंडी टैक्स को खत्म कर दिया जाएगा, तो आढ़ती काम नहीं करेंगे और जब आढ़ती ही नहीं रहेंगे तो मंडी तो अपने आप खत्म को जाएंगी। इस मौके पर चौहान पाल पंच जयनारायण, स्वामी श्रद्धानंद, विजय कसाना, मांगेराम शर्मा भिडूकी, मांगेराम त्यागी, अंजना कुरेरिया, अनिल दुनारिया, मानसिंह डागर आदि मौजूद रहे।
ब्राह्मण समाज से मांफी मांगे टिकैत : गुर्जर
पलवल। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पलवल में किसानों के आंदोलन में किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी को गलत छहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी धर्म व समाज के बारे में नहीं बोलना चाहिए, जिससे समाज दो वर्गों में बंटे। राकेश टिकैत को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें समाज से माफी मांगकर अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए। संवाद