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स्कूल खुले तो बच्चों के चेहरे खिले

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पलवल। कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल शुक्रवार से खुलने के बाद निजी स्कूल संचालकों ने राहत की सांस ली। वहीं, स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। सरकारी और निजी स्कूलों में कोविड-19 से बचाव के पूरे इंतजाम देखने को मिले। कक्षाओं में एक बेंच पर केवल एक ही बच्चा बैठाया गया। इसके अलावा सभी कमरों को सैनिटाइज कर स्कूल में आने वाले बच्चों का तापमान जांचा गया।
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सरकारी स्कूलों में भी एक बेंच पर एक ही बच्चा बैठाकर पढ़ाई कराई गई। बच्चे भी मास्क लगाकर स्कूलों में पहुंचे थे। निजी स्कूलों के गेट पर बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। पढ़ाई होने के बाद फिर कमरों को सैनिटाइज किया गया। एसपीएस स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज, बीके स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कौशिश ने बताया कि स्कूलों में कोविड-19 से बचाव के पूरे इंतजाम किए गए हैं। बच्चों को कोरोना के प्रति जागरूक भी किया गया। उन्होंने बताया कि स्कूलों के सभी कमरों के अलावा मुख्य द्वारों को भी सैनिटाइज किया गया।
स्कूल बंद होने से पढ़ाई बाधित हो रही थी। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाएं पूरी तरह से ली हैं। लेकिन, फिर भी स्कूल खुलने का इंतजार था। अब ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे।
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- मिनका, 12वीं की छात्रा
स्कूल खुलने पर बेहद खुशी है। स्कूल बंद रहने से पढ़ाई बाधित हो रही थी। घर पर भी मन नहीं लग रहा था। अब स्कूल में ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे।
- मुस्कान, 12वीं की छात्रा
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स्कूल खुलने से पढ़ाई अच्छी हो पाएगी। बेशक ऑनलाइन पढ़ाई हुई, लेकिन पढ़ाई ऑफलाइन ही ज्यादा बेहतर है। स्कूल अब बंद नहीं होने चाहिए।
- लतिका, 9वीं की छात्रा
सभी स्कूलों को खोलने के साथ कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करने के आदेश दिए गए हैं। गाइडलाइन का पालन नहीं होने पर स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी पलवल
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