नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में खिलाड़ियों को खुद करनी पड़ रही मैदान की मरम्मत
निशांत पटेल
पलवल। शहर स्थित जिले के सबसे बड़े स्टेडियम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हालत इन दिनों खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद मैदान में भरा पानी अब तक नहीं निकाला गया है। इससे खिलाड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह दौड़ लगाने वाले एथलीट्स, कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों के खिलाड़ी जलभराव के कारण नियमित अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की सफाई या मरम्मत का कार्य प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है।
हालत यह है कि खिलाड़ी खुद ही मैदान की मरम्मत कर रहे हैं। वॉलीबॉल कोर्ट पर अभ्यास के लिए दूर-दूर से आए खिलाड़ी, जो स्टेडियम के हॉस्टल में रह रहे हैं, मैदान से पानी निकालने, अपनी पिच की खोदाई, पानी का छिड़काव और मरम्मत का काम खुद ही कर रहे हैं। धूप में खिलाड़ियों को खुद ही गड्ढों को भरना और मैदान समतल करना पड़ रहा है। इससे न केवल खिलाड़ियों की मेहनत बर्बाद हो रही है, बल्कि यह जिम्मेदारों की अनदेखी को भी दर्शाता है। इस दौरान ना ही कोई फोर्थ ग्रेड कर्मचारी मैदान में नजर आ रहा है, ना ही फील्ड इंचार्ज और ना ही कोई संबंधित अधिकारी इस स्थिति से अवगत दिख रहे हैं। स्थानीय खिलाड़ियों और उनके परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि खेल सुविधाओं की उपेक्षा बंद की जाए और स्टेडियम की देखभाल के लिए उचित कर्मी तैनात किए जाएं।
हम हॉस्टल में यहां प्रैक्टिस करने आए हैं, लेकिन मैदान की हालत देखकर खुद ही गड्ढे भरने और पिच समतल करने का काम करना पड़ रहा है। अगर हम ये न करें तो अभ्यास ही नहीं हो पाएगा। -विकास, वॉलीबॉल खिलाड़ी
हर रोज दौड़ की अभ्यास करनी होती है, लेकिन पानी भरे मैदान में फिसलने का डर बना रहता है। हमें बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि हम अपना ध्यान केवल खेल पर लगा सकें। -पूजा, एथलीट
बजट मिलते ही खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं
स्टेडियम के समग्र विकास के लिए 4.24 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। जैसे ही यह राशि प्राप्त होगी, मैदान की पूरी मरम्मत, समतलीकरण, गड्ढों की भराई और अन्य आवश्यक सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए विकसित की जाएंगी। जलभराव की स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है और जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा दी जाए।
-अनिल सैनी, जिला खेल अधिकारी, पलवल
फोटो कैप्शन बारिश के दो दिन बाद तक स्टेडियम की पिच व रनिंग पाथ में भरा पानी। व वॉलीबॉल पिच को खुद ही फावड़े से समतल करते हुए खिलाड़ी।