पलवल। जिले में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए शुक्रवार को 615.9 मीटर तक पहुंच गया जो खतरे के निशान (615 मीटर) से ऊपर है। बढ़ते पानी से खादर क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में हजारों एकड़ फसलें डूब गईं और कई गांवों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीणों और उनके पशुओं को अस्थायी सेफ होम्स में शिफ्ट किया है। वहीं, तटबंधों को मजबूत करने का काम जारी है।
इंद्रानगर गांव के लोगों को अच्छेजा स्थित एमवीएन कॉन्वेंट स्कूल और उनके पशुओं को स्टेडियम में रखा गया है। मोहबलीपुर के ग्रामीणों व पशुओं को मुस्तफाबाद प्राथमिक पाठशाला में शिफ्ट किया गया है। राजूपुर खादर और दोस्तपुर की भेड़-बकरियों को मोहना अनाज मंडी भेजा गया है। इन सेफ होम्स में भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और पशुओं के चारे की व्यवस्था की गई है।
जिला परिषद सीईओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि राहत शिविरों में चिकित्सक दल तैनात हैं। जिला सचिवालय में 24 घंटे सक्रिय फ्लड कंट्रोल रूम बनाया गया है और हेल्पलाइन नंबर 01275-298160 व 01275-235836 जारी किए गए हैं।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात
यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार के 614.9 मीटर से बढ़कर शुक्रवार को 615.9 मीटर तक पहुंच गया। नदी सामान्य से कई गुना चौड़ाई में बह रही है। खतरे के चलते मोहबलीपुर, अतवा, गुरवाड़ी, दोस्तपुर, राजूपुर और थंथरी गांवों के तटबंधों को मिट्टी के कट्टों से मजबूत किया जा रहा है। प्रभावित गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया गया और ठीकरी पहरे लगाए गए हैं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
सड़क काटने पर विवाद
शुक्रवार को प्रशासन ने बागपुर समेत खादर क्षेत्र की मोहना से जुड़ने वाली मुख्य सड़क को जेसीबी से काट दिया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर पानी बह रहा था और दो जगह टूट-फूट हो चुकी थी। यदि तुरंत कार्रवाई न होती तो सड़क ध्वस्त हो सकती थी और दबाव से तटबंध भी टूटने का खतरा था लेकिन सड़क काटने से पानी सीधे बागपुर गांव की आबादी तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनका मोहना से संपर्क टूट गया है। सरपंच प्रतिनिधि कृष्णपाल गुड्डू भाटी ने मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी एसडीओ और अधिकारियों से विरोध जताया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग प्रशासनिक फैसले को गलत बता रहे हैं।