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Palwal News: हथीन शहर में खत्म होगा जल संकट, 17 नई मोटर लगेंगी, अंतिम छोर तक पहुंचेगा पानी

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20 लाख रुपये होंगे खर्च, वार्ड-1 से 14 तक की प्रभावित आबादी को मिलेगा सीधा लाभ, बूस्टिंग स्टेशनों पर भी हुई अपग्रेडेशन की शुरुआत
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। पानी की किल्लत से जूझ रहे हथीन शहरवासियों को अब राहत मिलने वाली है। जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए 20 लाख रुपये की लागत से 17 नई मोटरें लगाई हैं। इससे शहर की करीब 20 हजार की आबादी को फायदा होगा।


जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न वाटर टैंकों और बूस्टिंग स्टेशनों पर पेयजल वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग के जूनियर इंजीनियर योगेंद्र शर्मा के मुताबिक, इस कार्य के तहत रेनीवेल योजना से जुड़े कौंडल स्थित वाटर टैंक के अलावा कुटी मंदिर, अनाज मंडी और लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह स्थित बूस्टिंग स्टेशनों पर भी नई मोटरें लगाई गई हैं।
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इस प्रयास की शुरुआत नगर पालिका चेयरपर्सन रेणु लता के पति सुमित राजपूत की पहल पर हुई। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर से मुलाकात कर शिकायत की थी कि शहर की कई बस्तियां, जो पाइपलाइन के अंतिम छोर पर स्थित हैं, वहां पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके बाद विभाग ने सर्वे किया और एक नई योजना के तहत 17 मोटरों की स्थापना का निर्णय लिया।
भाजपा के मंडल महामंत्री सुधीर कुमार आर्य ने इस पहल के लिए जन स्वास्थ्य विभाग और चेयरपर्सन रेणु लता के पति सुमित राजपूत के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास शहरवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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एक वाटर टैंक बनाने का भी है प्रस्ताव
पुरानी लेकिन चालू हालत में मौजूद मोटरों को भी इस योजना में शामिल कर उनके दोबारा उपयोग की योजना बनाई गई है। वहीं, कुटी मंदिर पर एक नया अतिरिक्त वाटर टैंक बनाने का प्रस्ताव भी जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया है, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।शहर के वार्ड नंबर 1, 2, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 में लंबे समय से पानी की सप्लाई बाधित थी। दशकों पुरानी मोटरों की वजह से बूस्टिंग क्षमता कम हो गई थी। नई मोटरें लगने से अब इन वार्डों में भी नियमित रूप से पानी पहुंचने की उम्मीद है।
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