मुआवजे के लिए किसानों ने की पंचायत
पलवल। केजीपी एक्सप्रेसवे में अधिग्रहित की गई जमीन का बकाया मुआवजा न मिलने के कारण 24 गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार को कुसलीपुर स्थित गुर्जर भवन में पंचायत कर आंदोलन की रूप रेखा तैयार की। पंचायत में निर्णय लिया गया कि अगर सरकार उनके बकाया मुआवजा राशि को जल्द ही नहीं देती है तो आगामी सोमवार को पलवल के लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया जाएगा और अगर फिर भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो केजीपी स्थित टोल नाका को जाम कर दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
केजीपी एक्सप्रेसवे में करीब 24 गांवों के चार हजार किसानों की हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस जमीन का मुआवजा कम दिए जाने के खिलाफ किसान अपील में चले गए। अपील में किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देना तय हुआ। अब किसान उसी बढ़े हुए मुआवजा राशि के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार है कि किसानों को उनका हक नहीं दे रही है। इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार को कुसलीपुर स्थित गुर्जर भवन में एक पंचायत का आयोजन किया गया।
पंचायत में किसान नेता जोगेन्द्र सिंह भड़ाना और राजेश भाटी ने बताया कि गांव कुसलीपुर, अटोहां, बहरौला, छज्जूनगर, सिहोल, मीसा, पेलक, अमरपुर, फज्जूपुर, सलोटी, मोहना, जल्हाका, कटेसरा आदि गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। निर्धारित मुआवजे के खिलाफ किसानों ने अपील दायर की। अपील पर सुनवाई करते हुए मुआवजा राशि बढ़ोतरी की गई। बढ़ाई गई मुआवजा राशि करीब 1200 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। बढ़ाई गई राशि को जल्द से जल्द किसानों में बांटा जाए।