गांव बाता में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : Palwal
पलवल। प्रदेश सरकार की ओर से राशन डिपो पर उपभोक्ताओं को सरसों का तेल न देने की घोषणा का गांवों में विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीण सरकार के इस आदेश की निंदा कर रहे हैं। इसी संबंध में बुधवार को गांव बाता में ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार राशन डिपो पर मिलने वाली खाद्य सामग्री को धीरे-धीरे बंद कर रही है। गरीब लोगों से उनका हक छीनने का काम किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राशन डिपो पर सरसों का तेल फिर से उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि सरसों का तेल 170 रुपये से अधिक कीमत में बिक रहा है। ऐसे में सरकार 40 रुपये खाते में देने की बात कह रही है। सरकार पहले की तरह राशन डिपो पर सरसों का तेल उपलब्ध कराए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
सरकार गरीबों का हक छीनने का प्रयास कर रही है। हर चीज महंगी हो रही है। सरकार राशन डिपो पर सस्ती दरों पर दी जाने वाली खाद्य वस्तुओं और सरसों के तेल को बंद कर रही है, जोकि गरीबों के साथ मजाक है। सरकार सरसों का तेल फिर से शुरू करे।
- सीआर चंदेलिया
सरसों का तेल बहुत महंगा है। बाजार में इसकी कीमत 170 रुपये से अधिक है। पहले सरसों का तेल राशन डिपो पर 20 रुपये लीटर मिलता था, लेकिन अब सरकार ने बंद कर दिया है। इससे गरीबों पर मार पड़ेगी। सरकार सरसों का तेल राशन डिपो पर फिर से देना शुरू करे।
- किन्ना
सरकार राशन डिपो पर गरीबों को मिलने वाली वस्तुओं को धीरे-धीरे बंद कर रही है। इससे गरीबों को नुकसान हो रहा है। आज महंगाई के दौर में रोटी खाना मुश्किल हो रहा है। सरसों का तेल राशन डिपो पर न देना गलत है। सरकार फिर से इस सुविधा को शुरू कराए।
- राजनाथ सिंह