बृहस्पतिवार को भी आसमान को कोहरे की चादर ने लपेटे रखा। सुबह छह बजे से शुरू हुआ कोहरा दोपहर 12 बजे तक पड़ता रहा, जिसने वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दी। कोहरे के चलते सड़कों पर वाहन हैडलाइट जलाकर रेंग-रेंग कर चलते रहे।
वहीं एनएच-2 पर खड़े भारी वाहन कोहरे के जानलेवा साबित हो सकते हैं। भयंकर कोहरे के बीच सड़क किनारे खड़े भारी वाहन (ट्रक व ट्रॉला) पर सामने से आ रहे वाहन चालकों की नजर नहीं पड़ती। जिसके चलते कई बार वाहन इनसे टकरा जाते हैं व बड़े हादसे भी घटित हो जाते हैं। वर्ष 2011 में यूपी के एक सांसद की कार के साथ भी ऐसा ही हादसा हो गया था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी।
एनएच-2 पर सड़क किनारे ट्रक या कोई और भारी वाहन खड़ा करने पर पाबंदी लगा रखी है। इसके लिए बाकयदा बोर्ड लगाकर चेतावनी भी जारी की गई है व ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। हाईवे किनारे खड़े होने वाले वाहनों को लेकर एसपी राहुल शर्मा का कहना है कि समय-समय पर इन्हें पहले भी हटवाया जाता है। ट्रैफिक पुलिस को इस प्रकार के वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।