शहरी क्षेत्रों में 6-7 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 10-12 घंटे हो रही बिजली कटौती
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। शहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार अनियमित बनी हुई है, जिससे करीब पांच लाख लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बार-बार बिजली कटौती बड़ी चिंता का विषय बन गई है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली कटौती शुरू हो गई है, शहरी क्षेत्रों में 6-7 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 10-12 घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे लोगों में बिजली निगम के अधिकारियों के प्रति रोष बढ़ रहा है।
स्थानीय विधायक मोहम्मद ईसराईल चौधरी ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली मंत्री अनिल विज व बिजली निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि अगर इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई रहती है तो वह मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
किसानों द्वारा कृषि कार्यों के लिए आठ घंटे बिजली की मांग की जा रही है। उनका आरोप है कि विभाग के अधिकारी से बिजली कट की सूचना मांगी जाती है तो लाइन डैमेज और रिपेयर का कार्य चलने का बहाना बना देते हैं। विभाग द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में लाइन रिपेयर के नाम पर बिजली कट सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक लगाया जाता है।
गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने से बिजली लाइनों पर दबाव बन जाता है। लाइन ओवरलोड होने के कारण ब्रेक डाउन हो जाती है। स्टाफ को निर्देश अगले एक सप्ताह तक बिजली सुचारू रूप से मिल सके। उसके लिए कार्य किया जा रहा है। -जसवीर बैनीवाल, एसडीओ, बिजली निगम
-
दोपहर की भयंकर गर्मी में जब बिजली 3-4 घंटे के लिए चली जाती है तो फ्रीज में रखा सामान तो खराब होता ही है, साथ ही हमारी हालत भी खराब हो जाती है। बिजली बिल समय पर भरने के बावजूद बिजली कब आएगी इसका कोई भरोसा नहीं। -वाजिद अली, समाजसेवी
बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहने से घरेलू कार्य, पढ़ाई, व्यवसाय, और बिजली से जुड़ी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। -कामचंद