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यूपी, पंजाब व उत्तराखंड तक पहुंच रहे हैं प्रचार करने

Fri, 03 Feb 2017 05:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जाटों के नेता पंजाब, यूपी व उत्तराखंड तक जाकर जाट समाज को एकत्र कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें हरियाणा में जाटों के साथ हो रही वादाखिलाफी का वास्ता भी दे रहे हैं। हालांकि, भाजपा से जुड़े नेता डैमेज कंट्रोल का प्रयास भी कर रहे हैं। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के अगुवा यशपाल मलिक पश्चिमी यूपी से संबद्ध हैं। यहां वे राष्ट्रीय स्तर पर अपना संगठन बनाकर उसके झंडे तले जाटों को लामबंद कर रहे हैं। वे प्रदेश के 19 जिलों में उनके संगठन की अगुवाई में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 
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शुक्रवार से शुरू होगी भूख हड़ताल 
शहर की जाट धर्मशाला में दिया जा रहा धरना बृहस्पतिवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। धरने को समर्थन देने के जिले के विभिन्न गांवों के सैकड़ों लोग धरना स्थल पर पहुंचे। समिति के जिलाध्यक्ष धर्मबीर तेवतिया ने बताया कि अबकी बार जाट समाज के लोग शांतिपूर्वक आंदोलन के जरिये आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। शुक्रवार से क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी। धरना स्थल पर मुख्य रूप से देशराज चौहान, वीरेंद्र प्याला, जगमोहन, रामखिलौनी, ह्रदय नंबरदार, सुनील रजोलका, चरण सिंह रावत व दिगंबर अलावलपुर आदि मुख्य रूप से शामिल थे। 

अन्य राज्यों में गुपचुप तरीके से हो रहा प्रचार 
ओबीसी में शामिल कर आरक्षण लेना जाटों की पुरानी मांगों में शुमार है। ना केवल हरियाणा, बल्कि देश के अन्य प्रदेशों के जाट भी इसी के तहत अपने लिए आरक्षण चाहते हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। एक बार इसे अदालत लौटा भी चुकी है, लेकिन जाट समाज सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन रत हैं। आरक्षण आंदोलन को लेकर जाट नेता पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड़ के चुनिंदा जाट बाहुल्य क्षेत्रों व पंजाब के कुछ क्षेत्रों में भी जनसंपर्क अभियान चलाए हुए हैं। यूपी के सहारनपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर व मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में गुपचुप व सार्वजनिक तरीके से प्रचार किया जा रहा है। वहीं पंजाब के चुनाव में भी जाट समुदाय को समझाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। 
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- पिछले वर्ष हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जाटों पर जुल्म की इंतहा कर दी थी। दर्जनों जवान शहीद हुए और दर्जनों लोग आज तक भी जेल की सलाखों के पीछे है। यूपी, उत्तराखंड व पंजाब के जाट समाज के लोगों तक बीजेपी सरकार की क्रूरता की सारी कहानी पहुंचाई जा रही है। 
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- यशपाल मलिक, अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति। 
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