प्रत्याशियों ने जिन युवाओं को सोशल मीडिया पर अपना प्रचार और अपने दल की ब्रांडिंग करने के लिए चुनाव के दौरान रखा गया है, उन्हें अलग से कार्यालय बनाकर दिया हुआ है। जहां उन्हें कम्प्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, प्रिंटर आदि उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा कुछ युवाओं को जिन्हें फोटोग्राफी की जानकारी है, उन्हें प्रत्याशी अपने साथ लेकर चल रहे हैं। वे फोटो और वीडियो बनाकर कार्यालयों में बैठकर सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री अपलोड कराने वालों को उपलब्ध कराते हैं, उसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया जा रहा है।
ऐसे युवाओं से 10 से 15 हजार रुपये के वेतन पर रखा गया है। मतगणना होने के बाद प्रदेश में सरकार का गठन होने तक इन युवाओं का काम सोशल मीडिया पर प्रत्याशी और चुनाव जीतने के बाद उनका पूरा प्रचार करने का रहेगा।
पहलवान चल रहे सुरक्षा कर्मी के रूप में
प्रत्याशियों द्वारा अपने साथ चुनाव प्रचार के दौरान चलने के लिए आठ से 10 ऐसे युवाओं को रखा है, जो देखने में पहलवान लगते हैं। जिम में व्यायाम कर अपना शरीर बनाने वाले बाउंसरों की नौकरी करने वाले युवाओं को अपने साथ सुरक्षा कर्मी के तौर पर रखा गया है, जो भीड़ में प्रत्याशी की देखरेख करने के साथ उन्हें कार्यक्रमों में पहनाई जाने वाली मालाओं को हाथों में लेते हैं। इसके अलावा उनके नारे भी लगा रहे हैं। इस काम के बदले उन्हें प्रत्याशियों की तरफ से प्रतिदिन का खर्च दिया जा रहा है।
मुझे इंटरनेट व सोशल मीडिया के बारे में पूरी जानकारी है। मैं यहां एक प्रत्याशी के लिए काम कर रहा हूं। उनके कार्यक्रमों, सभाओं, जन संपर्क अभियान के सभी फोटो, मैटर, विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करता हूं। उनके फेसबुक पेज को अपडेट करने का काम करता हूं। मुझे इसके लिए दो नवंबर तक के लिए रखा गया है। इसके लिए मुझे 15 हजार रुपये मिलेंगे।-सुरेंद्र कुमार, युवक पलवल