- 2020 में युवक के आत्महत्या करने के मामले में सुनाया फैसला
पलवल। सत्र न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी मनु उर्फ मनप्रीत और सोनू को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि मृतक राहुल की आत्महत्या के पीछे आरोपियों की प्रत्यक्ष भूमिका थी।
राहुल ने 1 मई 2020 को अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। राहुल के पिता नरेश कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि मई 2019 में मनु, तरुण और अन्य युवकों ने राहुल को पीटा था। घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस कारण राहुल मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर मनु और सोनू को गिरफ्तार किया था, जबकि तीसरा आरोपी तरुण अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। कोर्ट ने कहा कि मृतक ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा, जिससे आत्महत्या का कारण स्पष्ट किया जा सके। जिस वीडियो को आत्महत्या की वजह बताया जा रहा था, वह मई 2019 का था, जबकि राहुल ने मई 2020 में आत्महत्या की। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि इस एक साल के अंतराल में मृतक पर कोई प्रत्यक्ष दबाव था। अदालत ने सभी गवाहों के बयानों और सबूतों की गहन जांच के बाद कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।