वार्ड नंबर 10 में डेंगू बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। परिजनों ने इनका होडल, पलवल व फरीदाबाद तक निजी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन बच्चे नहीं बच सके।
बच्चों की डेंगू से मौत की सूचना मिलने के बाद होडल एसएमओ डॉ. विपिन कुमार परिजनों से मिलने पहुंचे और बच्चों की अब तक अस्पतालों में हुई जांच रिपोर्ट अपने साथ ले गए। परिजनों का आरोप है कि वार्ड में व्याप्त गंदगी के कारण उनके बच्चे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आए।
जानकारी के अनुसार, वाल्मीकि बस्ती निवासी 14 वर्षीय आनंद पुत्र महाबीर व पांडवण कॉलोनी निवासी तीन वर्षीय कृष्णा पुत्र प्रेमराज को करीब एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने अपने बच्चों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि बच्चों को डेंगू बुखार हैं और उन्हें फरीदाबाद व पलवल के अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया। आनंद के परिजनों ने गरीबी के चलते फरीदाबाद अस्पताल में की बजाय दिल्ली स्थित कलाबती अस्पताल में भर्ती करा दिया और कृष्णा के परिजनों ने उसे सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। चार-पांच दिन उपचार के बाद दोनों बच्चों ने अस्पताल टेबल पर ही दम तोड़ दिया।
एसएमओ ने ली बच्चों की जांच रिपोर्ट
होडल एसएमओ डॉ. विपिन कुमार का कहना है कि वह दोनों मृतक बच्चों के परिजनों से मिलने गए थे और उनकी जांच रिपोर्ट भी अपने साथ लेकर आए हैं। दोनों बच्चों की रिपोर्ट पलवल भेजी गई हैं, रिपोर्ट की जांच के बाद ही वह कुछ कह सकते हैं।
गंदगी के कारण फैल रहा है डेंगू
मृतक बच्चों के परिजन बिजेंद्र कुमार, रामप्रसाद, हैमराज, सौदान सिंह ने बताया कि वार्ड में व्याप्त गंदगी के कारण ही दोनों बच्चे डेंगू बीमारी की चपेट में आए हैं। वो दिन दूर नहीं जब वार्ड के अन्य बच्चे भी इस बीमारी का शिकार होंगे। वार्ड में व्याप्त गंदगी के ढेरों के कारण मरीजों को हमेशा खतरनाक बीमारी के फैलने का भय सताता रहता है।